विधि संकाय के डीन प्रो. शकील अहमद की ओर से 13 दिसंबर को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें परीक्षा को रद्द कर इसे 22 दिसंबर को सुबह 10 बजे दोबारा आयोजित करने की घोषणा की गई।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विधि विभाग में फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में छात्रों को पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र दे दिया गया था। अब परीक्षा रद्द करने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। 15 दिसंबर को छात्रों ने विधि विभाग के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इससे पहले दोपहर में विभाग का गेट बंद कर प्रदर्शन और नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को बैठक बुलाई है।
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विधि विभाग के फर्स्ट सेमेस्टर के लगभग 180 छात्रों की टर्म एंड परीक्षा चार दिसंबर को आयोजित की गई थी। इसमें छात्रों को जो प्रश्न पत्र दिया गया, वह शैक्षिक वर्ष 2024-25 का था। परीक्षा संपन्न होने के बाद जब विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस गंभीर गलती का पता चला, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन विधि संकाय के डीन प्रो. शकील अहमद की ओर से 13 दिसंबर को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें परीक्षा को रद्द कर इसे 22 दिसंबर को सुबह 10 बजे दोबारा आयोजित करने की घोषणा की गई।
15 दिसंबर को जब विधि विभाग में कक्षाएं शुरू हुई तो छात्रों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे एक बार परीक्षा दे चुके हैं। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही से यह हुआ है, उन पर कार्रवाई की जाए। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली मौके पर पहुंचे और छात्रों को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा। मामले का हल निकालने के लिए कुलपति प्रो. नईमा खातून ने मंगलवार को कंट्रोलर, डीन और अन्य संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
पिछले वर्ष का पेपर फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों को दे दिया गया था। इसी से भड़के छात्रों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया है। इस संबंध में मंगलवार को कुलपति ने बैठक बुलाई है। इसमें छात्रों के हित में जो भी संभव होगा, निर्णय लिया जाएगा। - प्रो. वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू