अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। दो साल पहले शहर के छिपैटी के बाजार से 10 बिस्कुट के पैकेट खरीदकर दुकान पर रख लेना जयगंज के एक लस्सी दुकानदार के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। अब इस दुकानदार को कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
दो साल पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लस्सी दुकान से लस्सी के छह और बिस्कुट के एक पैकेट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। लस्सी के भी छह नमूने पास हो गए जबकि वह बिस्कुट जो उसकी दुकान का नहीं था, उसका नमूना फेल हो गया। दुकानदार अकील अब बिस्कुट के पैकेट के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहा है। बुधवार को वह कोर्ट में आया जिसे मामले की सुनवाई के लिए अब 18 नवंबर की तारीख दी गई है।
आठ महीने से नमूना रिपोर्ट का इंतज़ार, कारखाने वाला बेरोज़गार
अलीगढ़। शाहकमाल रोड पर एक छोटे कारखाना चलाने वाले अमीरुद्दीन के यहां से खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम पापड़ का एक नमूना लिया गया था। नमूना लिए जाने के आठ महीने बाद भी इसकी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। नतीजा कारखाना बंद है और वह बेरोजगार होकर रह गए हैं। अमीरुद्दीन का आरोप है कि यह कार्रवाई मकान मालिक और किराएदार के निजी विवाद के चलते मकान मालिक की शिकायत पर हुई थी। वह कहते हैं हमें यह भी नहीं बताया कि हमारे उत्पाद में कोई कमी थी या नहीं। अगर नमूना फेल हुआ होता तो कम से कम आगे क्या करना है, यह तो पता चलता।
अकील के मामले में अगर वह छिपैटी से बिस्कुट खरीदने का कच्चा बिल या अन्य कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत कर दें तो उस दुकानदार को भी मामले में शामिल कर इनको राहत मिल जाएगी। इसके अलावा आम पापड़ वाले मामले में अगर उन्हें नमूने की रिपोर्ट नहीं मिल रही है तो उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों ही मामलों में पक्षकार कमिश्नर कार्यालय परिसर कार्यालय उपायुक्त खाद्य सुरक्षा कार्यालय में आकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। - अजय जायसवाल, मंडलीय उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा