अलीगढ़ के डीएस कॉलेज में बंदरों को भगाने के लिए लंगूर गोल रखा हुआ था। उसके काम के बदले 12 हजार रुपये दिए जाते थे। सोशल मीडिया पर लंगूर गोलू गार्ड की वीडियो वायरल होते ही वन विभाग कॉलेज पहुंचा और गोलू को आजाद कराया।
गोलू के साथ अब सेल्फी नहीं मिल पाएगी। धर्म समाज कॉलेज से लंगूर गार्ड की सेवा समाप्त हो चुकी है। 14 अप्रैल को वन विभाग की टीम ने कॉलेज पहुंचकर गोलू लंगूर को यह कहते हुए आजाद कर दिया कि इसे रस्सी से बांधकर रखना गैरकानूनी है।
गोलू रोज सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक ड्यूटी करता था और फिर कॉलेज परिसर में ही एक पेड़ पर बने अपने घर में आराम करता। उसकी मौजूदगी से बंदर परिसर में कम नजर आते थे और छात्राओं को राहत मिली थी। 24 अप्रैल को वन विभाग के अधिकारी कॉलेज पहुंचे और लंगूर को रस्सी से बांधकर रखने पर आपत्ति जताई। वन विभाग की ओर से जीव जंतु संरक्षक पुत्तूलाल कॉलेज पहुंचे और उन्होंने गोलू को आजाद कराया।
विभाग के मुताबिक, वन्यजीवों को इस तरह बंधन में रखकर उपयोग नहीं किया जा सकता। जब गोलू को कॉलेज से ले जाया जा रहा था तो वहां मौजूद छात्राओं ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ छात्राओं ने पूछा कि अब बंदरों से कौन बचाएगा। इस पर पुत्तूलाल ने कहा कि नगर निगम की मदद से बंदरों को पकड़वाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।