नई दिल्ली-वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए सबसे अधिक जमीन लखनऊ से 294.15 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया जाएगा। अलीगढ़ का नंबर इस सूची में 17वें स्थान पर हैं। अलीगढ़ जिले की खैर तहसील के 9 गांव की 34.77 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। इस जमीन को हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) अधिग्रहण करेगा। इसकी एवज में किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
एनएचएसआरसीएल द्वारा तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 945 किलो मीटर है, इस प्रोजेक्ट से दो राज्यों के 23 जिले प्रभावित हो रहे हैं। नई दिल्ली से लेकर वाराणसी-लखनऊ-अयोध्या तक कुल 13 स्टेशनों पर हाई स्पीड ट्रेन का का ठहराव होगा। इसको लेकर लाइट डिटेक्शन एंड रेजिंग सर्वे (लिडार) तकनीक से नई दिल्ली-वाराणसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाओं की तैयारियों में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारियों की टीम जुटी है। भूमि अधिग्रहण को लेकर सभी जिलों के स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजना पर काम हो रहा है। एनएचएसआरसीएल के सीनियर मैनेजर अनुराग के मुताबिक सभी जिलों में जरूरत के हिसाब से जमीन का आकलन कर भूमि की आवश्यकता का खाका सभी जिलों के स्थानीय अधिकारियों को सौंपा है।
अलीगढ़ के इन गांवों से ली जाएगी 34 हेक्टेयर जमीन
अलीगढ़ की खैर तहसील के 9 गांव से 34 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। इसमें सियारोल, टप्पल, कृपालपुर, जिकरपुर, सिमरोठी, मरोरगड़ी, देवाका, गोरोला, घाघोली गांव की जमीन प्रस्तावित है। इसकी एवज में जमीन मालिक को सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा देना तय हुआ है। नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर इस परियोजना के तहत जेवर पर स्टेशन बनेगा। कॉरिडोर के तहत जेवर में स्टेशन बनेगा। यहां भी ट्रेन का ठहराव होगा। इसके बाद मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाना है।
प्रोजेक्ट पर एक निगाह
परियोजना की लंबाई 945 किमी, इसमें एलिवेटेड, अंडरग्राउंड और एट ग्रेड का ट्रैक जरूरत के हिसाब से बनाया जाएगा। इस ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन की अधिकतम गति सीमा 350 किमी प्रतिघंटा होगा। संचालन की गति 320 किमी प्रतिघंटा रखी गई है। औसत गति 250 किमी प्रतिघंटा रहेगी। यह परियोजना 23 जिलों की 46 तहसीलों से गुजरेगी, इसमें 794 गांव शामिल होंगे।
जिला भूमि (हेक्टेयर में)
लखनऊ 294.15
रायबरेली 210.72
फैजाबाद 188.44
मथुरा 166.43
गौतम बुद्ध नगर 163.43
आगरा 163.36
प्रयागराज 162.77
उन्नाव 144.45
कन्नौज 129.89
रविदास नगर 111.47
वाराणसी 110.26
बाराबंकी 93.75
प्रतापगढ़ 77.79
फिरोजाबाद 72.46
इटावा 61.52
मैनपुरी 46.63
अलीगढ़ 34.78
सराय काले खां (दिल्ली) 31.62
मिर्जापुर 22.39
हाथरस 19.07
कानपुर नगर 7.74
औरेया 7.05
हरदोई 4.46