फर्जी दस्तावेजों की मदद से जमीन हड़पने की कोशिश मामले में एसएसपी के आदेश पर दस लोगों के खिलाफ क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्तारनामा के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा कराया गया।
किशनपुर निवासी देवकी देवी ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि क्वार्सी में उनकी जमीन है। एक फरवरी 1988 को उसने सुरेश चंद्र निवासी पान दरीबा के नाम जमीन की देखरेख के लिए मुख्तारनामा किया था। मगर कुछ समय बाद ही सुरेश चंद्र की नीयत खराब हो गई और नीयत को देख देवकी ने दो अगस्त 1989 को मुख्तारनामा निरस्त करा दिया। अब 30 जून 2020 को जब देवकी अपनी उसी जमीन पर डेयरी का निर्माण कराने पहुुंची तो वहां सुरेश समेत कई लोग विरोध में आ गए और जमीन को अपना बताने लगे। आरोप है कि सुरेश ने 1988 के मुख्तारनामे के आधार पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर जमीन का 7 नवंबर 1989 को राजीव नगर सहकारी समिति के सचिव वाचस्पति गौड़ निवासी विष्णुपुरी के नाम फर्जी बैनामा करा दिया। इसके बाद रहीस पाल निवासी दुर्गेश कालोनी, सोहन लाल निवासी लेखराज नगर ने भी छह लोगों से फर्जी बैनामे तैयार करा लिए।
देवकी देवी की शिकायत पर एसएसपी के निर्देश पर क्वार्सी पुलिस ने सुरेश चंद्र, वाचस्पति गौड़, रहीस पास, सोहन लाल के अलावा ओमवती निवासी ग्राम नगला गरवी थाना रामघाट (बुलंदशहर), मूलचंद निवासी सिविल लाइंस, शकुंतला गौतम निवासी मंजूरगढ़ी, सतीश चंद्र व सुमनलता निवासी ग्राम रायपुर (जवां), साधना शर्मा निवासी जनकपुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार अब मामले में जांच की जा रही है।