जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा का अंतर्कलह सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह के सामने उजागर हुआ। संसद सतीश गौतम पर कटाक्ष करने वाले जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह को लालजी वर्मा ने करारा जवाब दिया। लालजी वर्मा जब देवराज सिंह के पास बैठने पहुंचे तो उन्हें जैसे 440 वोल्ट का करंट लग गया। वह तुरंत कुर्सी छोड़कर बाहर चले गये। जबकि भाजपा नेता उन्हें रोकते रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर छह अक्तूबर को शक्ति परीक्षण होना है। लालजी वर्मा के पुत्र नरेंद्र वर्मा वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कद्दावर नेता ठाकुर जयवीर सिंह के भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू को चुनौती देेंगे। जयवीर सिंह हाल ही में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। शुक्रवार को सर्किट हाउस में धर्मपाल सिंह पत्रकारों से बात करने पहुंचे।
मंत्री के आने के पूर्व एक कमरे में सांसद सतीश गौतम एवं जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह अन्य भाजपा नेताओं के साथ बैठे थे। इसी बीच भाजपा नेता लाल जी वर्मा पहुंच गए और जिलाध्यक्ष के बगल में बैठने गए। लालजी वर्मा को देखकर जिलाध्यक्ष सोफा छोड़कर खिसक लिये। उन्हें भय था कि कोई फोटो न खींच ले। इस पर जोरदार ठहाका लगा। जिलाध्यक्ष ने सांसद की ओर इशारा कर कहा कि अब तो एक साल के लिए सांसद हैं। इसी बीच मंत्री जी आ गए और सभी लोग कांफ्रेंस हॉल में पहुंचे।
हॉल में मंत्री धर्मपाल सिंह के आने के पहले उनकी बगल की कुर्सी पर सांसद सतीश गौतम, दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह बैठ गए। देवराज के बगल में ठाकुर रघुराज सिंह बैठे थे। उसके बाद सांसद के इशारे पर लालजी वर्मा बैठ गए। यह देखकर देवराज सिंह फिर कुर्सी खाली कर बाहर जाने लगे, जबकि रघुराज सिंह हाथ पकड़ कर बैठाने का प्रयास करते रहे। जिलाध्यक्ष नहीं माने और बाहर चले गए। आखिरकार सिंचाई मंत्री के साथ जिलाध्यक्ष कांफ्रेंस हाल में पहुंचे। कुछ देर बाद एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया एवं छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह भी प्रेस कांफ्रेंस में पहुंच गए।
जिलाध्यक्ष अब भागने की तैयारी में हैं : लालजी
सर्किट हाउस के कांफ्रेंस हॉल में लालजी वर्मा ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ बयान देकर खलबली मचा दी। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष देवराज सिंह का समय पूरा हो गया है। अब वह भागने की तैयारी में हैं। जिस समय लालजी वर्मा यह बयान दे रहे थे, उस समय देवराज सिंह एवं सिंचाई मंत्री मौजूद नहीं थे।
लालजी वर्मा ने कहा कि हमारे साथ 40 से अधिक सदस्य हैं। राज पैलेस से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि राज पैलेस वाले जानें कि किसे समर्थन देना है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर पार्टी में कोई फूट नहीं है। व्यक्तिगत लेवल पर लोग मदद कर रहे हैं। बार-बार पूछे जाने के बावजूद जिलाध्यक्ष देवराज सिंह इस मामले में मीडिया से बातचीत करने से बचते रहे। सिंचाई मंत्री से जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा की अंतर्कलह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई विवाद नहीं है। उन्होंने राजू भैया एवं सतीश गौतम की ओर इशारा करते हुए कहा कि देखिये दोनों साथ-साथ बैठे हैं।
ये रहे मौजूद
शहर क्षेत्र के विधायक संजीव राजा, जिला पालक सुनील पांडेय, विक्रम सिंह हिंडोल, मीना कुमारी, रामसखी कठेरिया, नत्थी सिंह, रीता राजपूत, चंद्रमणि कौशिक, डालचंद्र राजपूत आदि।
रोकें घमासान, पार्टी को नुकसान
मंत्री धर्मपाल सिंह भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा के आंतरिक घमासान से दुखी हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने भले ही कहा कि कोई विवाद नहीं है। लेकिन भरोसेमंद पार्टी सूत्रों की मानें तो बाद में उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कहा कि रोज-रोज घमासान की खबर छपने से पार्टी को नुकसान हो रहा है, इसे रोकिये।