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Bharat Ratna: लालकृष्ण आडवाणी का है अलीगढ़ से भी नाता, डिप्टी पीएम रहते हुए आए यहां, यह वाकया रहा चर्चा में

Sun, 04 Feb 2024 04:53 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी का अलीगढ़ से गहरा नाता है। पूर्व सांसद स्व.शीला गौतम उनके बेहद करीबी नेताओं में रही हैं। यह परिवार उनसे अभी तक पारिवारिक नाते से जुड़ा है। डिप्टी पीएम रहते हुए आडवाणी अलीगढ़ आए। 
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लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री व भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत सरकार ने भारत रत्न की घोषणा की है। उन्हें भारत रत्न पर पक्ष व विपक्ष ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। मगर सबसे खास बात है कि उनका अलीगढ़ से गहरा नाता है। पूर्व सांसद स्व.शीला गौतम उनके बेहद करीबी नेताओं में रही हैं। यह परिवार उनसे अभी तक पारिवारिक नाते से जुड़ा है।

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बात अगर उनके अलीगढ़ आगमन की करें तो उस समय शहर के मेयर रहे आशुतोष वार्ष्णेय किस्सा याद कर बताते हैं कि वे मेयर थे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव का दौर था और भाजपा अध्यक्ष रहते लालकृष्ण आडवाणी नुमाइश मैदान में सभा करने आ रहे थे। मगर उन्हें आने में देरी हो गई और वे दस बजे के आसपास पहुंचे। यहां सभा का समय खत्म होने पर वे सभी को अभिवादन कर वापस जाने के लिए पहले आनंद पैलेस होटल पहुंचे। जहां उनकी गाड़ी खराब हो गई। इस पर उन्हें मेयर ने अपनी गाड़ी से दिल्ली भेजा। मगर रास्ते में वह गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि आडवाणी या ड्राइवर आदि सुरक्षित रहे और उन्हें दूसरी गाड़ी से दिल्ली पहुंचाया गया।

इसके दो दिन बाद आडवाणी का फोन मेयर के मोबाइल पर आया। इसके बाद मेयर कौंसिल के चुनाव में उन्होंने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से कहकर व्हिप जारी कराया और आशुतोष वार्ष्णेय को कौंसिल का अध्यक्ष निर्वाचित कराया। इस खुशी में उनके आवास पर दिल्ली में भोज रखा गया, जिसमें मेयर, संजय टाइल्स, सुबोध स्वीटी, सांसद शीला गौतम सहित करीब दो दर्जन भाजपाई अलीगढ़ से शामिल हुए। इसी तरह उस समय शीला गौतम के करीबी रहे भाजपा नेता संजय टाइल्स बताते हैं कि उन्हें दो बार शीला जी के साथ उनके आवास पर जाने का मौका मिला। दूसरी बार आडवाणी 2002-3 में उप प्रधानमंत्री रहते मंगलायतन तीर्थधाम के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि रहते आए। भाजपा नेता संजय टाइल्स व सुबोध स्वीटी बताते हैं कि उस कार्यक्रम में सुरक्षार्मियों ने उन्हें उनके पास जाने से रोक लिया। यह खबर जब उन तक पहुंची तो उन्होंने अपने स्टाफ को टोका और अलीगढ़-हाथरस के करीब चार दर्जन भाजपाइयों को बुलाकर करीब चालीस मिटन तक कुर्सियों पर साथ बैठकर संवाद किया। 

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सांसद शीला गौतम की गिरफ्तारी पर बिफरे 

ये वाकया अक्तूबर-नवंबर 2003 का है। देहली गेट के सांप्रदयिक दंगे रोरावर कांड में सांसद शीला गौतम को तत्कालीन एसएसपी प्रेमप्रकाश ने गिरफ्तार किया। उन्हें जेल लाया और बाद में भाजपाइयों की भीड़ को देखकर आगरा जेल भेज दिया। उनके दो पीएसओ में से एक साथ गिरफ्तार हुए, जबकि दूसरे रह गए। दूसरे पीएसओ ने पूरा मामला उप प्रधानमंत्री अडवाणी तक पहुंचाया। यह सुनकर वे विफर गए और सीधे तत्कालीन प्रदेश सरकार को हिदायत दी। आनन-फानन रात में ही प्रदेश सरकार ने सांसद शीला गौतम का रिहाई आदेश जारी कराया और यह खबर उन दिनों मीडिया की सुर्खी बनी थी।
आडवाणी वो नेता हैं, जिन्होंने रामरथ यात्रा के साथ भारत में भ्रमण किया। अब राम मंदिर भी बन रहा है और आज उसी नेता को भारत रत्नी देकर पूरी भाजपा को देश की सरकार ने खुश किया है। यह बेहद सुख का विषय है।-इंजी.राजीव शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष
ये बेहद खुशी का माहौल है। रामरथ यात्रा लेकर निकले नेता ने देश में अलख जगाया और आज उन्हें भारत रत्न मिला है। भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल नेता को सम्मान से ज्यादा और खुशी क्या हो सकती है।-सतीश गौतम, सांसद
ये अच्छा काम भारत सरकार ने किया है। मगर देरी से लिया गया निर्णय है। चुनाव से ऐन पहले इस तरह का सम्मान सरकार की मानसिकता पर सवाल खड़े करता है। इसके विषय में सरकार को सोचना होगा।-संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
आडवाणी को भारत रत्न भाजपा की नीति पर सवाल खड़े करता है। उन्हें तो आठ वर्ष  पहले देश का राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए था। ताकि उनके अनुभवों का शासन प्रशासन लाभ लेता और देश को कुछ योगदान मिलता। अब देर से लिया गया सही, मगर उचित निर्णय है।-विवेक बंसल, पूर्व विधायक /वरिष्ठ कांग्रेस नेता
सामाजिक व राजनीतिक रूप से इन्हें बहुत पहले इस तरह का कोई सम्मान मिलना चाहिए था। अब चुनाव से ऐन पहले यह सम्मान सरकार की नीति व नीयत पर सवाल खड़ा करता है। इनके अलावा मृत नेताओं में चौ.चरण सिंह व राजा महेंद्र प्रताप को भी यह सम्मान मिलना चाहिए। उनका योगदान भी भुलाया नहीं जा सकता।-बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद/वरिष्ठ सपा नेता
भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देना भाजपा सरकार का अपना फैसला है। यह सम्मान उन्हें श्रीराम मंदिर में रथ यात्रा निकालने के लिए दिया गया है। अगर भारत रत्न देने की नियत अच्छी होती तो पहले काशीराम को भारत रत्न मिलता।-मुकेश चंद्रा, जिलाध्यक्ष, बसपा
भाजपा में पुराने वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा और अपमान के कारण अंतर्कलह को रोकने और वोट बैंक को बिखरने से बचाने के लिए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न का सम्मान दिया गया है। सर्वोच्च सम्मान दिए जाने पर लालकृष्ण आडवाणी व उनके प्रशंसकों को बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।-लक्ष्मी धनगर, जिलाध्यक्ष, सपा
किसी भी राजनीतिक, सामाजिक व अन्य क्षेत्र के व्यक्तियों को भारत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करना अच्छी परंपरा है, लेकिन यह सम्मान किसी मकसद को लेकर या किसी विशेष मुद्दे को भुनाने की नियत से दिया जाना ठीक नहीं है। -चौधरी कालीचरण सिंह, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोकदल।
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