लखपति महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि आधारित उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई, पशुपालन और सेवा क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ कर न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि परिवार और समुदाय के आर्थिक स्तर को भी मजबूत किया है।
अलीगढ़ जिले में स्वयं सहायता समूह की 52,773 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। लघु उद्यमिता प्रमाणपत्र प्राप्त कर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लखपति बनाने के लिए शासन अभियान चला रहा है।
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इसके तहत जिले में 75,352 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य दिया गया है। बाकी बची महिलाओं को लखपति बनाने के लिए विभाग जुटा हुआ है। जिले में संचालित इस योजना ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन लखपति महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि आधारित उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई, पशुपालन और सेवा क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ कर न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि परिवार और समुदाय के आर्थिक स्तर को भी मजबूत किया है। लखपति बनने वाली महिलाओं को लघु उद्यमिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जो उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायक होता है।
एनआरएलएम के तहत 75,352 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से 52,773 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। इस योजना को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। -भालचंद्र त्रिपाठी, पीडी, डीआरडीए