जिला अस्पताल मलखान सिंह में गर्मी के कारण मरीजों की भरमार है। हालात ये हैं कि सभी वार्ड भरे हैं। बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हो रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण खांसी के सिरप, एंटी बॉयोटिक दवाएं, एंटी एलर्जिक दवाएं, ओआरएस, गैस संबंधी, अपच, पेट दर्द, दांत संबंधी दवाओं की कमी हो गई है। ऐसे में मरीजों को दवा काउंटर से लौटाया जा रहा है या फिर कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
जिला अस्पताल में औसतन रोजाना दो हजार मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बढ़ती गर्मी में इनकी संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ओपीडी में अपच, त्वचा संबंधी, आंख, कान व गला, उल्टी, दस्त के ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रहीं दवाएं काउंटर पर नहीं मिल रही हैं। इक्का-दुक्का दवाओं को छोड़कर ज्यादातर दवाएं बाहर से लेनी पड़ती हैं।
मरीज बढ़ने की वजह से अस्पताल में कुछ दवाओं का संकट हो गया है। हालांकि, मांग शासन को भेज दी गई है। जल्द ही सभी दवाएं उपलब्ध होंगी।
- डॉ. ईश्वरी देवी बत्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल
इन दवाओं की कमी
खांसी का सिरप, एंटी बॉयोटिक दवाएं, एंटी एलर्जिक दवाएं, ओआरएस, पेट दर्द, गैस संबंधी, अपच, दांत संबंधी दवाएं आदि।
- दो दिन से पेट में दर्द था। जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने दवाएं लिखीं। महंगी दवाएं तो बाहर से खरीदनी पड़ीं। कुछ दवाएं काउंटर पर मिल गईं। - पवन शर्मा
- खांसी के साथ अपच की परेशानी थी। जिला अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने दवाएं लिख दीं। एक भी दवा अस्पताल में नहीं मिली। कहा गया कि खत्म हो गई हैं। - नीलम वार्ष्णेय