जेएन मेडिकल कॉलेज कार्डियक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मो. आजम हसीन बताते हैं कि हमारे यहां एनएचएम द्वारा आरबीएसके योजना में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर संचालित किया जाता है। इसमें प्रतिवर्ष 400 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी की जाती रही हैं। इसके लिए समय-समय पर बजट मिलता रहा है। नवंबर 2024 से अचानक बजट मिलना बंद हो गया, उसके बावजूद मार्च तक हमने 100 से अधिक बच्चों की उधार में सर्जरी की।
हमें अनुमान था कि बजट मिल ही जाएगा लेकिन जब बजट नहीं आया तो हमें सर्जरी का सामान खरीदने में परेशानी होने लगी। इस पर हमने ऑपरेशन करना बंद कर दिया है। मार्च के बाद से बजट न मिलने के कारण ऑपरेशन नहीं किए जा रहे। मई जून में बजट भेजा भी गया था लेकिन वह भी वापस ले लिया गया। इसके बाद से बिल्कुल ऑपरेशन बंद हैं। अपना उधार का रुपया मांगने के लिए पत्राचार भी किया जा रहा है।
इन जिलों के बच्चों की हुई हार्ट सर्जरी
सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, उन्नाव, कानपुर, इटावा, अलीगढ़, बुलंदशहर, कासकंज, हाथरस, एटा, मैनपुरी