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JN Medical College: उधार की सर्जरी से धड़क रहा 100 बच्चों का दिल...मेडिकल कॉलेज मांग रहा अपना खर्च

Tue, 30 Sep 2025 05:14 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जेएन मेडिकल कॉलेज में दिल में छेद, हार्ट सर्जरी व स्टेंट डाले जाने संबंधी विशेष ऑपरेशन होते हैं। प्रदेश भर से चिह्नित किए जाने वाले बच्चों को ऑपरेशन के लिए यहां भेजा जाता है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में धन का अभाव नवंबर 2024 से बना हुआ है। इस दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज के अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में 100 बच्चों की हार्ट सर्जरी कर दी गई, लेकिन जब पांच माह के इंतजार के बाद भी पैसा नहीं मिला तो मार्च से मेडिकल कॉलेज ने हार्ट की सर्जरी बंद कर दी। अब सर्जरी पर खर्च हुए अपने डेढ़ करोड़ रुपये के लिए लगातार पत्राचार कर रहा है।

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आरबीएसके योजना के तहत 18 वर्ष तक के प्रदेश भर में चिह्नित गरीब-कमजोर वर्ग के कुपोषित व 38 प्रकार की अपंगता संबंधित बच्चों के गंभीर उपचार व ऑपरेशन की सुविधा है। जेएन मेडिकल कॉलेज में दिल में छेद, हार्ट सर्जरी व स्टेंट डाले जाने संबंधी विशेष ऑपरेशन होते हैं। प्रदेश भर से चिह्नित किए जाने वाले बच्चों को ऑपरेशन के लिए यहां भेजा जाता है।

आरबीएसके योजना के तहत बजट कुछ कारणों से बंद है। इसके कारण मेडिकल कॉलेज का रुपया भी अटका हुआ है। इस बजट को मंगाने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है। जल्द बजट मिलते ही फिर से ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे। -डॉ. अमित शर्मा, नोडल अधिकारी, आरबीएसके

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पांच माह तक किए उधार में ऑपरेशन

जेएन मेडिकल कॉलेज कार्डियक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मो. आजम हसीन बताते हैं कि हमारे यहां एनएचएम द्वारा आरबीएसके योजना में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर संचालित किया जाता है। इसमें प्रतिवर्ष 400 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी की जाती रही हैं। इसके लिए समय-समय पर बजट मिलता रहा है। नवंबर 2024 से अचानक बजट मिलना बंद हो गया, उसके बावजूद मार्च तक हमने 100 से अधिक बच्चों की उधार में सर्जरी की।

हमें अनुमान था कि बजट मिल ही जाएगा लेकिन जब बजट नहीं आया तो हमें सर्जरी का सामान खरीदने में परेशानी होने लगी। इस पर हमने ऑपरेशन करना बंद कर दिया है। मार्च के बाद से बजट न मिलने के कारण ऑपरेशन नहीं किए जा रहे। मई जून में बजट भेजा भी गया था लेकिन वह भी वापस ले लिया गया। इसके बाद से बिल्कुल ऑपरेशन बंद हैं। अपना उधार का रुपया मांगने के लिए पत्राचार भी किया जा रहा है।

इन जिलों के बच्चों की हुई हार्ट सर्जरी
सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, उन्नाव, कानपुर, इटावा, अलीगढ़, बुलंदशहर, कासकंज, हाथरस, एटा, मैनपुरी
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