कोरोना काल में बेरोजगार हुए 45 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग की ओर से एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी। इसके अलावा मनरेगा श्रमिकों को भी मनरेगा विभाग की ओर से व भूमिहीन मजदूरों को तहसील स्तर से एक-एक हजार रुपये की सरकारी मदद मिलेगी। डीएम ने बुधवार को कोरोना की समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने जल्द से जल्द पंजीकृत और अपंजीकृत मजदूरों को शासन की योजना का लाभ देने के आदेश दिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में हुई समीक्षा बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह को सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि 108 व्यक्ति मंगलवार को कोविड संक्रमित मिले थे। सभी को लक्षणों के आधार पर होम आइसोलेट/एल-2 अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। उनके संपर्कियों की तलाश की जा रही है। इसके बाद डीएम ने डीएलसी राजेश कुमार को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप समस्त पंजीकृत मजदूरों को 1000 की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। उपायुक्त मनरेगा पंजीकृत और अपंजीकृत मजदूरों को खंड विकास अधिकारी से सत्यापित सूची को प्राप्त करते हुए श्रम विभाग को उपलब्ध कराएं तथा समस्त उपजिलाधिकारी अपनी तहसील में भूमिहीन मजदूरों की सूची बनाएं। इन सभी को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
निजी अस्पतालों के खिलाफ मिली सभी शिकायतों जांच कर करें कार्रवाई
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह निजी चिकित्सालयों के विरुद्ध समस्त लंबित शिकायतों पर दंडात्मक कार्रवाई करें। शिकायतों का निस्तारण समय से न होने पर अधिकारियों पर ही कार्रवाई की जाएगी। जिन निजी चिकित्सालयों में इलाज की रेट लिस्ट चस्पा नहीं की गई है। उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं, रोहित सक्सेना (एओ सीएमओ कार्यालय) को कोविड-19 से संक्रमित मरीजों को मेडिकल किट वितरण व कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी द्वारा बताए जाने वाले कार्यों को संपादित करने के लिए नामित किया गया है।
कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों की निगरानी समितियों के द्वारा वितरित की जाने वाली मेडिकल किट की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस पर डीएम ने डीएमओ डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ को शहरी क्षेत्रों की निगरानी समितियों द्वारा मेडिकल किट वितरण की सूचना शासन तथा कंट्रोल रूम को देने के आदेश दिए। इधर, निजी अस्पताल रुसा द्वारा कुल भर्ती मरीजों के सापेक्ष कुल रिक्त बेडों की सूचना पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर भी डीएम ने नाराजगी जाहिर की। चिकित्सालय के नोडल अधिकारी एवं सीएमओ को समय से सूचना लेकर पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए।