उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के रेगुलेटरी चार्ज एवं बिजली दर बढ़ाने के प्रस्तावों का विरोध किया।
बुधवार को आयोजित ऑनलाइन मीटिंग में सतीश माहेश्वरी ने आयोग के चेयरमैन राज प्रताप सिंह के समक्ष कहा कि रेगुलेटरी चार्ज बढ़ाने या टेरिफ रेट बढ़ाने का यह उचित समय नहीं है। वैसे ही 15 महीने से कारखाने और बाजार बार-बार के लॉकडाउन से त्रस्त हैं। व्यापार चलाना छोड़िए, जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है।
समीपवर्ती राज्य मध्यप्रदेश और पंजाब में फिक्स्ड चार्जेज एवं बिजली दर उत्तरप्रदेश से काफी कम है। उत्तरप्रदेश में सबसे अधिक उपभोक्ता है तो यहां बिजली मूल्य घटता क्यों नहीं है। इसकी भी नेशनल पॉलिसी होनी चाहिए। बिजली दर अधिक होने के कारण उत्तर प्रदेश के प्रोडक्ट महंगे हो जाते हैं। नियामक आयोग को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। सतीश माहेश्वरी ने फिक्स्ड चार्ज समाप्त करने की भी वकालत की। महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि कोविड के समय में बिजली कंपनियों के प्रस्तावों का कोई लॉजिक नहीं लगता। उन्होंने कंपनियों को डांट लगाई। आयोग के अध्यक्ष के कहने पर सतीश माहेश्वरी ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उनके पास ई-मेल कर दिया है। इस अवसर पर ओपी राठी, कमल गुप्ता, किशन गुप्ता, राकेश अग्रवाल सिक्ससंस, बृजमोहन अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, विवेक शर्मा, राकेश गुप्ता लीडर आदि मौजूद थे।