टीकाराम मंदिर व गिलहराज मंदिर में रविवार को सीताराम विवाह महोत्सव के दूसरे दिन कुंवर कलेवा का आयोजन किया गया। कुंवर कलेवा में मंदिर के पुजारियों ने मिथलानी का भेष धारण किया और दूल्हे बने भगवान राम को मीठी मीठी गारी सुनाईं। शाम को आरती और भंडारे में श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ी। गिलहराज मंदिर में बहु गीत और टीकाराम मंदिर की बधाइयों में श्रद्धालु झूम उठे। इतना ही नहीं, महिलाओं और युवतियों ने ठुमके भी लगाए।
लै लै नाम पुरुष अरु नारी, देन लगीं अवधेश को गारी... वाली परंपरा के अनुसार सीताराम विवाह महोत्सव में दूल्हे सरकार बने चारों भाइयों (श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न) को मिथिलानी (मिथिला की सखियां) पूर्वजों का नाम ले लेकर गारी देती हैं। इस परंपरा का निर्वहन मंदिर के पुजारियों ने निभाया। पुरुषों ने महिलाओं का स्वरूप धारण किया। सिर पर दुपट्टा डाला और भगवान राम से हास्य विनोद किया। टीकाराम मंदिर में मिथिलानी सखी की भूमिका राजू पंडित, नेत्रपाल, रामजी पंडित ने निभाई। जबकि जानकी के भाई श्याम पंडित बने। शाम छह बजे से लेकर रात नौ बजे तक कुंवर कलेवा चलता रहा। गिलहराज मंदिर में पंडित राजेश चंद्र दीक्षित, पंडित अरविंद शिवानंद, पं. कृष्ण चंद शर्मा ने भगवान को गारी सुनाईं। गिलहार मंदिर में उमेश वार्ष्णेय, ईशा गुप्ता, प्रशांत समाधिया, दीपांश सक्सेना, विक्की अग्रवाल, नंदनी वार्ष्णेय, कामिनी उपाध्याय, सीता गोयल, कौशल कुमार वार्ष्णेय, सोनी, दीक्षा, यति वार्ष्णेय, प्रखर वार्ष्णेय, योगेंद्र गुप्ता, अमित झा, कृष्णा गुप्ता, अरविंद गिरी स्वामी, कौशल कुमार वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे। टीकाराम मंदिर में मुख्य सेवादार के रूप में हरि प्रकाश गुप्ता और पवन गुप्ता मौजूद रहे। इस मौके पर सहभागी आनंद अवस्थी, मनीष शर्मा बबराला, सुनील तिवारी गाजियाबाद, जय नारायण तिवारी आदि मौजूद रहे।