अलीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के अखिलेश सरकार विरोधी कार्यक्रम का जवाब कोल विधानसभा हाजी जमीरउल्लाह ने अमन का पैगाम, इंसानियत के नाम कार्यक्रम से दिया है। इस आठ दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत गांधी पार्क स्थित बापू की प्रतिमा को श्रद्घांजलि देने से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने की। इस मौके पर विधायक ने दंगों में मरने वालों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने को नीति बनाने का मुददा उठाया।
विधायक जमीरउल्लाह ने कहा कि वे आज बापू की प्रतिमा पर आकर पूछने आए हैं कि अब हिंदुस्तान में किसका राज रहेगा? आपके हत्यारों का या देश को जोड़ने वालों का। अलीगढ़ ने भाईचारे की मिसाल पेश की है, लेकिन भाजपा शहर सहित प्रदेशभर में उपद्रव फैलाना चाहती है। इसके नेताओं को गौरव के परिवार से हमदर्दी होती तो सरकार की तरह उन्हेें आर्थिक सहायता देते।
उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार को लोकसभा में बिल लाकर कानून बनाना चाहिए कि सांप्रदायिक दंगों में मारे जाने वालों को किस तरह की सहायता देनी चाहिए। 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद या सरकारी नौकरी और फ्लैट दिया जाए। लेकिन इसेे लेकर गंभीरता दिखाने की बजाय नफरत फैलाने की कोशिश हो रही हैं।
सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विनोद सविता ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, दश में सद्भाव बिगाड़ा है। प्रदेश कार्यकारिणी के पिछड़ा वर्ग के सदस्य राजेश सैनी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह सद्भाव बढ़ाने में मददगार होगा। सपा के प्रदेश सचिव यामीन खां अब्बासी ने कहा कि अलीगढ़ की जनता अमन चाहती है।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव ने कहा कि हम भाजपा की सांप्रदायिकता की नीति के खिलाफ हैं। फादर जानाथन लाल ने कहा कि हम सभी तरह के नफरत फैलाने वालाें की मुखालफत करते हैं। अशोक यादव ने कहा कि भाजपा को समझ लेना चाहिए कि जनता जागरूक हो चुकी है। वह नफरत फैलाने वालों के साथ नहीं।
इस मौके पर अहमद सईद सिद्दीकी, आनंद शास्त्री, जियाउर्रहमान, अर्जुन सिंह भोलू, अमित गोस्वामी, अंकुश अग्रवाल, प्रभात सविता, मोहित बघेल, मौलाना जहीर, पार्षद मोटा जावेद, मुशर्रफ, निशात, रंजीत चौधरी, बब्बू शेरवानी, बिल्लू चौहान, बाबा फरीद आजाद, बबलू होल्कर, सूफी मुन्ने मियां, ममनून, शमशुल इस्लाम, सुशील गौड़, मुजाहिद शेरवानी, हाजी निमामत अली, धीरज गौड़, तरुण कुमार राजपूत, हसीब अंसारी, जफरुद्दीन मुल्लाजी, राशिद, आसिफ, आबिद, अब्दुल कदीर, बिल्लू, नवीजान, अली अब्बास, फिरोज, शाहजहां, मुनेश उपाध्याय आदि मौजूद थे।