रामपुर से चलकर महानगर के बन्नादेवी के रघुवीरपुरी के अपने मित्र से कर्जा पटाने आए युवक ने कथित अपहरण का ड्रामा रचकर बन्नादेवी पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। रामपुर के युवक की पत्नी ने भी रघुवीरपुरी के व्यक्ति पर पति को गायब करने का आरोप मढ़ दिया। इस खबर पर हरकत में आई पुलिस ने जब सर्विलांस से जांच शुरू की तो भेद खुल गया। रामपुर के युवक को इंदौर से बरामद कर लिया गया है। अब उसके शुक्रवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रामपुर से तकादा करने आया था युवक
घटनाक्रम 5 जनवरी से शुरू हुआ है। रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एकता विहार कॉलोनी मकान नंबर 54 जी/3 निवासी राघवेंद्र सिंह लखनऊ में व्यापार करता है। वह 5 जनवरी को अपने व्यापारिक मित्र भुवनेश निवासी रघुवीरपुरी बन्नादेवी से अपने 16 हजार रुपये लेने अलीगढ़ आया। भुवनेश भी लखनऊ में ही व्यापार करता है। राघवेंद्र यहां आने के बाद सीधे भुवनेश के घर पहुंचा। जहां उसका बड़ा भाई मिला और बताया कि भुवनेश लखनऊ में है। राघवेंद्र ने 16 हजार रुपये का तकादा किया और भुवनेश के भाई को पुलिस चौकी लेकर गया। जहां दोनों पक्षों में बातचीत में तय हुआ कि भुवनेश के लखनऊ से लौटते ही राघवेंद्र के एकाउंट में रुपये डलवा दिए जाएंगे। इस दौरान बातचीत में राघवेंद्र ने चौकी प्रभारी को बताया कि वह बस से आया है और यहां से अपनी बहन के घर आगरा जा रहा है। दरोगा ने उसे रुपये न मिलने पर फिर बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी दिया। इसके बाद वह चला गया।
पत्नी को दी झूठी सूचना, पर कार ने पकड़वाया झूठ
इसके बाद 6 जनवरी की तड़के राघवेंद्र की पत्नी ने अलीगढ़ पुलिस को फोन पर बताया कि उनके पति भुवनेश के घर रुपये लेने गए थे। उन्होंने मध्य रात्रि को यह फोन किया था कि कुछ बदमाश उनके पीछे लगे हैं। इसके बाद से उनका नंबर बंद है। अंदेशा है कि भुवनेश व उनके परिवार ने राघवेंद्र को गायब कर दिया है। इस सूचना पर बन्नादेवी पुलिस फिर हरकत में आई। पत्नी ने बातचीत में बताया कि उनके पति अपनी गाड़ी से रामपुर से अलीगढ़ गए हैं। बस पुलिस ने राघवेंद्र के इसी झूठ पर काम शुरू किया। दिन में उसका बैंक स्टेटमेंट देखा तो पता चला कि उसने रात को 12:10 बजे गांधीपार्क बस स्टैंड के एक एटीएम से 4400 रुपये निकाले हैं।
सोशल एकाउंट से मिली इंदौर में लोकेशन
इसके बाद पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस पर लिया। हालांकि मोबाइल तो बंद था, मगर 6 जनवरी की दोपहर करीब 12 बजे राघवेंद्र के सोशल मीडिया प्लेटफार्म एकाउंट के जरिये उसकी लोकेशन इंदौर में मिली। इस पर बन्नादेवी पुलिस ने तत्काल एक टीम को इंदौर के लिए रवाना किया। टीम ने आगरा-ग्वालियर के रास्ते जाते समय ग्वालियर टोल से उसकी गाड़ी व फोटो से पहचान करना शुरू किया तो ग्वालियर टोल के बाद हर टोल पर उसकी लोकेशन मिली। पता चला कि वह यहां से आगे निकलकर गया है।
इंदौर में किराये पर कमरा तलाशते समय पकड़ा गया
इंदौर पहुंचने के बाद पुलिस उसका फोटो लेकर बाजारों व होटलों में घूम रही थी। इसी दौरान 7 जनवरी को पता चला कि वह यहां किराये पर कमरा तलाशता फिर रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि वह उनके पास किराये पर कमरा लेने आया था। मगर उसने पुलिस सत्यापन कराकर लाने के बाद कमरा देने की बात कहकर चलता कर दिया था। इस दौरान राघवेंद्र ने इंदौर में एक नया मोबाइल नंबर शुरू कर लिया था। वह नंबर उसने उस मकान स्वामी को दिया था। पुलिस ने उस नंबर को मिलाकर जब राघवेंद्र से बात की और कहा कि आप कमरा ले सकते हैं बतौर एडवांस रुपये जमा करा दो। इस पर राघवेंद्र वहां पहुंच गया और पुलिस ने दबोच लिया।
पकड़े जाने पर स्वीकारी कर्ज में डूबे होने की कहानी
इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार राघवेंद्र को अलीगढ़ लाकर पूछताछ की गई तो उसने खुद पर रामपुर में कर्जा होने व व्यापार में घाटा होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि वह कर्जदारों को फंसाने के चक्कर में यह साजिश रच रहा था। मगर उससे हुई गलतियों के चलते वह फंस गया। इंस्पेक्टर बन्नादेवी धीरेंद्र मोहन के अनुसार अब राघवेंद्र के शुक्रवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई तय होगी।
रामपुर के युवक के अलीगढ़ आने के बाद गायब होने के मामले में उसकी पत्नी श्रुति की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। मगर गायब युवक राघवेंद्र के मिलने के बाद तय हो गया कि उसने खुद यह नाटक रचा था। इसलिए उस पर झूठा नाटक करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। अब न्यायालय में बयान कराने के बाद आगे कार्रवाई तय होगी।
-धीरेंद्र मोहन, इंस्पेक्टर बन्नादेवी