अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में अपहृत बच्ची का किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसी के सगे दादा ने कत्ल किया है। पुलिस ने आरोपी दादा को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वजह बेटा का पिता को रोज रोज शराब पीकर डांटना व पड़ोसी से विवाद बताया जा रहा है। बेटे को सबक सिखाने व हत्या में पड़ोसी को फंसाने के लिए दादा ने यह साजिश रचकर मासूम की जिंदगी छीन ली।
घटना खैर के मोहल्ला सराफान की है। यहां सत्यदेव का परिवार रहता है। वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। शनिवार की रात वह पत्नी व दो साल की बेटी के साथ रामलीला देखने गया था। वापस घर आकर तीनों ने साथ बैठकर खाना गया और घर में बिजली कनेक्शन न होने की चलते छत पर सोने चले गये थे। दंपती अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर सोये थे।
सुबह उठे तो देखा कि मासूम वहां से गायब थी। आसपास खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। पीड़ित परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को दी तो आनन फानन अपहरण का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी गई थी। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही थी। मंगलवार सुबह बच्ची का शव कस्बे के एक नाले में पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम करवाया और नए सिरे से जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने शक के आधार पर कई संदिग्धों को उठाया था। बच्ची के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई। जिसमें दादा की भूमिका संदिग्ध लगी। उससे बारी बारी से गहनता से पूछताछ की गई तो उसने सच कबूल लिया। उसने बताया कि वह अक्सर शराब पीता है। इसी बात से नाराज होकर बेटा उसको डांटता था। बेटे की डांट से नाराज होकर उसको सबक सिखाने के लिए पोती का पहले अपहरण किया, उसके बाद हत्या करके शव नाले में फेंक दिया।
पड़ोसी ने आरोपी पर दर्ज कराया था मुकदमा, उसको फंसाने की थी योजना
पुलिस के मुताबिक आरोपी दादा पर पिछले दिनों एक पड़ोसी ने मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। उसी मुकदमें को खत्म कराने के लिए वादी को हत्या में फंसाने की आरोपी योजना बना रहा था। पूछताछ में पुलिस से कई बार उसने कहा कि परिवार का उक्त पड़ोसी से रंजिश चली आ रही है। हत्या में उसका हाथ हो सकता है।