उदला इलियासपुर भीकमपुर थाना बन्नादेवी के निवासी गोपाल सिंह ने पूर्व मंत्री एवं सपा सरकार में पर्यटन विभाग के सलाहकार ख्वाजा हलीम पर डरा धमका कर और सत्ता की हनक दिखा कर जमीन कब्जाने करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि गांव के गाटा संख्या 175 और 176 की जमीनों में उनके अलावा श्याम लाल, मनोहर लाल, बलवीर सिंह पुत्रगण स्व. सुंदर सिंह, महादेवी पुत्री रघुवर सिंह पुत्र गोपाल सिंह, शकील पुत्र अयूब खां, जुम्मा पुत्र नूर मुहम्मद आदि हिस्सेदार हैं। वहीं ख्वाजा हलीम का कहना है कि मेरी जमीन नपवा कर मुझे दे दी जाए, मेरे पास जमीन के पूरे कागजात मौजूद हैं।
गोपाल सिंह का आरोप है कि बीती एक फरवरी को ख्वाजा हलीम लेखपाल मुकेश और 20-25 साथियों के साथ असलहाधारियों को लेकर वहां पहुंचे और डरा धमका कर कब्जा करने की कोशिश की। निकट की जमीन गाटा संख्या 184 से 12 फीट चौड़ी सरकारी नाली और 12 फीट चौड़ा रास्ता है।
इस जगह पर ख्वाजा हलीम ने 90 फीट लंबी और 5 फीट ऊंची दीवार बना दी है। वह गाटा संख्या 175 और 176 में डेढ़ बीघा जमीन पर कब्जा कर अपना रकबा बढ़ाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री का हिस्सा केवल गाटा संख्या 185 में है। उन्होंने 184 में अनाधिकृत रूप से कब्जा कर लिया है और अब 175-176 पर भी कब्जा करना चाहते हैं।
गोपाल ने अपनी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, आईजी, डीआईजी, डीएम डा. बलकार सिंह, एसएसपी जे रवींद्र गौड़ के साथ ही एसडीएम कोल को भी भेजी है। इधर, इस संबंध में जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह ने किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की है।
एसडीएम कोल प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि प्रकरण के संबंध में कोई भी शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। इसी क्रम में एसओ बन्नादेवी अनुज कुमार ने कहा कि मामले से संबंधित उन्हें कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला है।
मेरी वहां पर आठ बीघा जमीन है, जो कई सालों से खाली पड़ी है। इस जगह को समतल कराने और रास्ता बनाने के लिए काम शुरू कराया था। लोगों ने जमीन की नपत को लेकर सवाल उठाए तो हमने लेखपाल से कहा कि सबके सामने नपाई करा लो। मैं लगातार यही कह रहा हूं कि सब लोग मिल कर मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मेरी जमीन नपा कर मुझे दे दें। इसके अलावा मुझे एक इंच की जरूरत नहीं है। अगर किसी को कुछ जमीन कम पड़ रही तो मैं और दे सकता हूं। मेरे पास जमीन के पूरे कागजात मौजूद हैं। मैंने किसी को धमकाया नहीं सभी आरोप अनर्गल हैं। -ख्वाजा हलीम, पर्यटन विभाग सलाहकार