यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों का भारत आने का सिलसिला जारी है। शनिवार को भी खुशिका व मिशिका अपने घर लौट आईं। रोमानिया व स्लोवाकिया से भारत दोनों बेटियां पहुंचीं।
महानगर के वैष्णो एनक्लेव सिटी निवासिनी शिक्षिका सुधा सिंह की बेटी खुशिका सिंह यूक्रेन से कई दिनों तक परेशानियों का सामना करते हुए भारत आ गईं। खुशिका के सुरक्षित घर आने पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिजन ईश्वर और भारत सरकार का धन्यवाद कर रहे हैं। खुशिका ने बताया कि वह कीव में थीं।
तनाव बढ़ते ही 28 फरवरी को हॉस्टल छोड़कर वह उजरोज शहर पहुंच गईं। इसके बाद वह स्लोवाकिया पहुंच गईं, जहां उन्हें भारतीय दूतावास के अधिकारी ने उनका स्वागत-सम्मान किया। सभी विद्यार्थियों को होटल में ठहराया। खाने-पीने का इंतजाम खूब था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं।
उधर, आगरा रोड स्थित साकेत विहार कॉलोनी निवासी प्रदीप वार्ष्णेय की बेटी मिशिका का यूक्रेन से घर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि मिशिका को हॉस्टल से घर तक पहुंचने में नौ दिन लगे। इस दौरान मिशिका को रोमानिया सीमा तक पहुंचने में काफी पैदल चलना पड़ा। सर्द हवाओं से जूझना पड़ा। उन्होंने कहा कि सबके आशीर्वाद और भारत सरकार के अथक प्रयास से ही वह अपने घर पहुंच पाईं। मिशिका के घर पर खुशी का माहौल है।
सांसद ने यूक्रेन से लौटीं फाल्गुनी से कुशलक्षेम जाना
यूक्रेन से लौटीं एमबीबीएस छात्रा फाल्गुनी धीरज के सकुशल वतन वापसी के बाद सांसद सतीश गौतम ने उनके घर लेखराज नगर जाकर उनसे कुशलक्षेम पूछा। सांसद ने फाल्गुनी को माला पहनाकर उनका उत्साह बढ़ाया। फाल्गुनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय विद्यार्थियों को सकुशल भारत वापस लाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन गंगा की सराहना की। उन्होंने आगामी मेडिकल शिक्षा के भारत में ही कराए जाने की मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से शीघ्र ही मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। उनके साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सारस्वत, वैभव गौतम, फाल्गुनी की माधुरी देवी, पिता पंकज धीरज, मां काजल धीरज, सुभाष शुक्ला आदि मौजूद रहे।