महानगर का देहली गेट इलाका 11वें दिन पूरी तरह पटरी पर लौट आया। रविवार को धरना खत्म होने के बाद सोमवार को खटीकान-सराय मियां में दुकानें भी खुल गईं और सीमाबंदी खुलते ही लोगों ने एक दूसरे के इलाकों में आवाजाही भी शुरू कर दी।
हालांकि एहतियातन निर्धारित बिंदुओं पर फोर्स तैनात है। इधर, दुकानें खुलते ही इन इलाकों में लोगों ने रोजमर्रा की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। इस दौरान गौरव के परिजन अब इस इंतजार में अपने घर में ही बैठे हैं कि कब उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात संबंधी तारीख की खबर मिले।
12 नवंबर को हुए सांप्रदायिक उपद्रव के बाद से सराय-मियां-खटीकान की पुलिस प्रशासनिक स्तर से सीमाबंदी करके रखी गई थी। लोगों की एक दूसरे के इलाके में आवाजाही नहीं थी। इसके अलावा बल्वे में मारे गए गौरव के परिवार के धरने के चलते पूरा इलाका बंद था।
उधर, सराय मियां की दुकानों को पुलिस स्तर से एहतियातन बंद कराकर रखा गया था। इस इलाके से उधर लोगों के जाने पर मनाही थी और उधर से इधर आने पर मनाही थी। मगर रविवार को दसवें दिन गौरव के परिजनों का धरना खत्म होने के बाद इलाके के हालात बिल्कुल सामान्य हो गए।
सोमवार को खटीकान चौराहे पर लगा बैरीयर भी हटा दिया गया था। इसी तरह सराय मियां-कैलाश गली के मुहाने पर रखे बैरीयर भी हटा दिए गए थे। हां इन दोनों प्वाइंटों पर पुलिस, पीएसी, आरआरएफ जरूर तैनात थी।
आज धरन स्थल भी नहीं था। दस दिन से बंद दुकानें खुल गई थीं। लोगों की आवाजाही से मोहल्ले में चहलकदमी भी जारी थी। कुल मिलाकर इलाके में रौनक लौट आई थी।