महानगर के सिविल लाइंस भमोला इलाके में एक जमीन को अपना बताते हुए एएमयू संपत्ति विभाग ने बृहस्पतिवार को बाउंड्री लगाने का प्रयास कर बखेड़ा खड़ा करा दिया। यहां जानवरों को खोला और बाउंड्री लगाना शुरू किया तो पब्लिक विरोध में आ गई। पब्लिक ने पहले टीम को दौड़ा दिया और जानवर खोलने पर करंट से एक गाय की मौत हो गई। इसके बाद पब्लिक ने टीम पर पथराव कर दिया। खबर पर मेयर सहित तमाम भाजपाई पहुंच गए और पब्लिक के समर्थन में धरने पर बैठ गए। बाद में लोगों को मुकदमे व कार्रवाई के भरोसे पर शांत कराया। इस संबंध में एएमयू संपत्ति अधिकारी पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
वाकया कुछ इस तरह हुआ कि एएमयू के संपत्ति अधिकारी सैफउल्लाह ने पुलिस व नगर निगम से मदद मांगते हुए भमोला स्टाफ क्वार्टर के आसपास की जमीन पर बाउंड्री लगवाने की बात कही थी। यहां से दो रास्ते खुलते हैं। बृहस्पतिवार दुपहर टीम बिना पुलिस को लिए बाउंड्री लगाने पहुंच गई। एक तरफ के लोगों ने यह कहते हुए विरोध शुरू किया कि दोनों तरफ एक साथ बाउंड्री लगाओ। इस विरोध के बीच टीम ने वहां जानवर खोल दिए। इस दौरान पब्लिक ने पथराव कर टीम को दौड़ा दिया। मगर वहां पास की खड़े कूलर की चपेट में आकर करंट से चिपककर एक गाय की मौत हो गई। बस फिर क्या था, पब्लिक भड़क गई और आंदोलन शुरू हो गया। खबर पर मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, राजीव अग्रवाल, पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन, युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष मनोज शर्मा, राजेंद्र शर्मा, बिजेंद्र सैनी, वीरेंद्र लोधी, कान्हा वार्ष्णेय, विनय यादव आदि पहुंच गए और पब्लिक के समर्थन में धरने पर बैठ गए।
इस सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस आदि भी पहुंच गए। यहां करीब चार बजे तक हंगामा व धरना चलता रहा। लोगों व भाजपाइयों की मांग थी कि गाय की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। बमुश्किल मुकदमे के भरोसे पर पब्लिक वहां से हटी। इस संबंध में इलाके की महिला व गाय की स्वामी महिला राधा देवी की ओर से सैफउल्लाह, मो.अकरम आदि के खिलाफ गायों को खोलने, एक जानवर को साथ ले जाने, एक गाय की करंट से मौत हो जाने, मारपीट करने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
एक देव प्रतिमा को ले जाना भी बना मुद्दा
इस बवाल के दौरान लोगों ने बाउंड्री के सहारे स्थापित धर्म स्थल से एक देव प्रतिमा को उठाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए भी जमकर उत्पात मचाया। भाजपा ने तो यहां तक चेतावनी दे दी कि अगर इस देव प्रतिमा को ससम्मान वापस स्थापित नहीं किया गया तो एएमयू की ईंट से ईंट बजाकर रख दी जाएगी। लोगों का कहना था कि हम सालों से यहां पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। टीम इसी देव प्रतिमा को उठा ले गई। बाद में अधिकारियों ने मुकदमे के भरोसे पर उन्हें शांत किया। बता दें कि इस बवाल के दौरान वहां स्थापित एक देव प्रतिमा भी गायब हो गई थी।
एएमयू संपत्ति अधिकारी इस जमीन को अपना बता रहे हैं। हालांकि दूसरा कोई पक्ष सामने नहीं आया। बवाल के दौरान नगर निगम ने इस जमीन को जरूर अपना बताया। जिनसे कहा गया है कि दोनों पक्ष राजस्व से अपने कागजात दिखाकर हिसाब करा लें। तब तक कोई निर्माण नहीं होगा। रहा सवाल एएमयू का तो बिना पुलिस को साथ लिए यह करना गलती है। बवाल का मुकदमा दर्ज किया गया है।
-राजीव सिंह सीओ तृतीय
एएमयू की टीम नगर निगम आदि को साथ लेकर जमीन की बाउंड्री करान गई थी। टीम पर लोगों ने हमला कर दिया। इस संबंध में पुलिस को एएमयू की ओर से तहरीर भेजी गई है। टीम ने वहां से बचकर जान बचाई है। वरना टीम के साथ कोई भी घटना हो जाती। इसके वीडियो फुटेज भी हमारे पास हैं।
-राहत अबरार एएमयू पीआरओ