यह सही है कि कोरोना का संक्रमण थम गया है, लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए होली खेलते समय कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखें।सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी कहते हैं कि होली खेलते समय मास्क एवं दो गज की दूरी का ध्यान रखें। गले मिलने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि जिले में अब कोविड संक्रमण का एक भी मामला नहीं हैं, लेकिन कोविड अभी भी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है। इसलिए होली के दौरान कोविड के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाना न भूलें। दूर से ही होली खेलें। घर आकर सबसे पहले साबुन एवं पानी से हाथ धोएं और स्नान करें।
इस तरह करें बचाव : उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी गौतम कहते हैं कि होली वाले दिन घर से निकलने से पहले पूरे शरीर में नारियल का तेल लगाएं। ऐसे कपड़े पहने जिससे शरीर का अधिकतर हिस्सा ढका रहे। इतना करने के बाद भी यदि किसी ने केमिकल युक्त रंग लगा दिया है और आपके शरीर के किसी हिस्से में जलन अथवा किसी भी तरह की परेशानी हो तो चिकित्सक से तत्काल परामर्श लें।
आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं होली के रंग
जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी का कहना है होली पर लोग कृत्रिम रंग ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसलिए होली में आंखों को रंगों से बचाएं और गुब्बारे न मारें क्योंकि गुब्बारों से आंखों में परेशानी हो सकती है। यदि आंख में रंग गिर जाए तो तुरंत पानी से धोएं। आंखों में ज्यादा परेशानी हो तो डॉक्टर को दिखाएं।