एएमयू छात्र संघ चुनाव के फाइनल स्पीच में उड़ी में शहीद 17 जवानों पर अपमान जनक टिप्पणी करने वाले मुद्स्सिर यूसुफ की वकालत करने वाले सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम एवं मो. शिकोह को छात्रों ने नकार दिया।
महफूज आलम 880 मत पर सिमट गए। वहीं मो. शिकोह को मात्र 1047 मत मिले। दोनो छात्रों की राजनीति काम नहीं आई। उल्लेखनीय है कि कश्मीरी छात्र मुद्स्सिर यूसुफ ने फेसबुक पर उड़ी में शहीद 17 जवानों पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कश्मीरी छात्र यूसुफ को बुलाकर पूछा तो उसने गलती स्वीकार कर ली। शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले छात्र को कुलपति ने तत्काल यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया। एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने भी छात्र के बयान की निंदा की थी।
इस मामले को लेकर आहुति संस्था के अध्यक्ष द्वारा अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के माध्यम से थाना सिविल लाइन में तहरीर भी दी गई थी। वकालत से नाराज कई संगठनों ने एएमयू प्रशासन का पुतला भी फूंका था।