अचल रोड के पन्नागंज इलाके में डेयरी में भैंस काटने के प्रकरण में पकड़े गए कालू और इमरान सहित अन्य चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। सभी आरोपियों पर पशु क्रूरता और अवैध रूप से पशु वध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
लेकिन जिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेकर सरेआम भैंस काटने वालों को डेयरी में घुसकर और सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि अभी जांच चल रही है। जिन लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में भैंस काटने वालों को पीटा है, उनको फुटेज और फोटो के आधार पर चिह्नित किया जा रहा है। सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि गुरुवार को पन्नागंज में डेयरी संचालक कालू ने अपनी एक कमजोर भैंस को डेयरी के अंदर ही कटवा दिया था। इमरान और उसके कुछ साथी भैंस काटने आए थे। डेयरी से खून निकलता देख वहां के लोगों ने धावा बोल दिया और सभी आरोपियों को बुरी तरह पीटा। पुलिस से भी अभद्रता की। पुलिस के सामने भी मारपीट जारी रखी थी। बमुश्किल आरोपियों को छुड़ाकर थाने भेजा गया था।
बूचड़खानों को लाइसेंस देने के निर्देश से मीट व्यापारियों को राहत
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश सरकार से बूचड़खानों को जल्द से जल्द लाइसेंस देने का फरमान जारी किया है। इसके बाद पूरे प्रदेश के साथ अलीगढ़ में भी इस पर बहस छिड़ गई है। क्योंकि प्रदेश में बड़े स्तर पर बूचड़खानों को बंद करने की कार्रवाई अलीगढ़ में भी हुई थी। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर भैंस मीट की किल्लत बनी हुई है।
अलीगढ़ में मकदूम नगर, भुजपुरा, शाहजमाल, नगर निगम स्लॉटर हाउस के पास, मथुरा बाईपास पर करीब डेढ़ दर्जन बूचड़खाने बंद किए गए थे। तय हुआ कि भैंस मीट कारोबारी नगर निगम से लाइसेंस बनवा कर बफैलो मीट एक्सपोर्ट यूनिटों से माल खरीदेंगे और अपनी दुकानों पर पर्दे लगा कर साफ सफाई के साथ बेचेंगे। हुआ भी यही, लेकिन एक्सपोर्ट यूनिट से खरीद कर फुटकर में बेचने में कारोबारियों को लाभ नहीं हुआ। ये मुद्दा अभी तक गरम है।
हाईकोर्ट ने बिलकुल सही निर्देश दिया है। बूचड़खानों को बंद कराने वाली सरकार की ड्यूटी है कि वह लाइसेंस देकर उन्हें नियमित करने में तेजी दिखाए। जिससे लोगों को मीट खाने की दिक्कत न हो।
जफर आलम, पूर्व नगर विधायक, सपा
बूचड़खानों को लाइसेंस देने का हाईकोर्ट का निर्देश सही है। प्रदेश सरकार और प्रशासन इसके लिए त्वरित कार्रवाई करे, ताकि लोगों को खाने के लिए और शादी ब्याह में भैंस मीट की किल्लत न हो।
एसएम यामीन, अल कुरैश वेलफेयर सोसायटी सचिव
हाईकोर्ट के निर्देशों से उनकी चिंता भी झलकती है। जब एक्सपोर्ट हाउस संचालित हो सकते हैं तो स्थानीय स्तर पर बूचड़खानों को नियमित किया जाना कोई बड़ा काम नहीं है। सरकार और प्रशासन गंभीरता से काम करे।
ख्वाजा हलीम, पूर्व पर्यटन सलाहकार
योगी सरकार को सभी लोगों के खानपान, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। सरकार हाईकोर्ट के निर्देश पर अमल कराए और लोगों को रोजगार दे। जिससे मीट रेट भी काबू में रह सकें।
चौ बिजेंद्र सिंह, पूर्व सांसद