खेरेश्वर धाम मंदिर नादा पुल का नजारा जहां से कावड़िया गुजरेगें।
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महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है। रामघाट रोड से श्री खेरेश्वर धाम तक जगह जगह कांवड़िया सेवा शिविर लगने लगे हैं, लेकिन अभी तक पूरा कांवड़ मार्ग साफ तक नहीं कराया जा सका है। सपा जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडेय और वरिष्ठ नेता मनोज यादव ने कहा है कि एक तरफ भाजपा सरकार कांवड़ियों पर हैलीकाप्टर से फूल बरसाने का दावा करती है और दूसरी ओर अधिकांश प्रदेश में कांवड़ियों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया गया है। कांवड़ यात्रा मार्ग को साफ तक नहीं किया जा रहा है। रोशनी, पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सहित कोई सुविधा नहीं है, जिससे कांवड़िया परेशान हैं।
सपा नेताओं ने कहा कि अलीगढ़ में रामघाट-राजघाट से कांवड़िये गंगाजल लेकर आने लगे हैं। रामघाट रोड, दुबे का पड़ाव, आगरा रोड, खैर रोड पर उनके सेवा शिविर लग रहे हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग के अहम मोड़ अलीगढ़ पलवल हाईवे पर नादापुल का काम अधूरा है। श्री खेरेश्वर धाम से पहले ये पुल पड़ता है, जिसके एक ओर निर्माण कार्य चल रहा है।
सपा नेताओं ने कहा कि ये वो पुल है जो सपा सरकार में अखिलेश यादव ने हाईवे की मंजूरी के साथ पास किया था, लेकिन पांच साल बाद भी योगी सरकार इसको पूरा नहीं करा पाई। नादा पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से कांवड़ियों को कंकड़ पत्थर से गुजरना पड़ेगा। मिट्टी और कीचड़ भी बहुत है।
इसी तरह से पूरे रामघाट रोड पर दुबे का पड़ाव, निरंजनपुरी, किशनपुर, मिनाक्षी पुल सहित कई जगहों पर गड्ढे हैं। कहीं भी पर्याप्त रोशनी नहीं है। अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई। कोरोना संक्रमण काल का खतरा होने के बाद भी कहीं भी कांवड़ियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र नहीं बना है। अव्यवस्था पूरी तरह से हावी हो चुकी है। इससे कांवड़ियों को बहुत परेशानी होगी।
सपा नेताओं ने कहा कि जानबूझ कर अलीगढ़ पलवल हाईवे का निर्माण कार्य सुस्त किया गया है, क्योंकि ये योजना पूर्व सीएम अखिलेश यादव की थी। उनके कार्यकाल में इसका बजट आवंटन भी हुआ था। निर्माण कार्य शुरू भी हो गया था, लेकिन योगी सरकार चार साल में इस 68 किमी लंबे हाईवे को पूरा नहीं करा पाई है। यही है योगी सरकार की विकास की हकीकत, कांवड़ियों से प्यार। जनता इसको समझ रही है।