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Kaka Hathrasi: कवि, संगीतकार, चित्रकार, योग शास्त्री की भूमिका में रहे काका हाथरसी

Thu, 23 Jan 2025 01:08 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

काका हाथरसी का हिंदी व्यंग्य की कविताओं का सफर 89 वर्ष की आयु में 18 सितंबर 1995 को पूर्ण हुआ और वे प्रभु में विलीन हो गए। विरला संयोग ही है कि काका जन्म दिवस ही उनका अवसान दिवस बना।
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काका हाथरसी - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हाथरस की मिट्टी साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में काफी उर्वरा रही है। शहर की जैन गली मोहल्ला अग्रवाल परिवार में 18 सितंबर 1906 को जन्मे काका हाथरसी कवि, संगीतकार, चित्रकार, फिल्मकार, समाज सुधारक, युग दृष्टा, योग शास्त्री की भूमिका में रहे। भारत सरकार ने 1985 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया।

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काका हाथरसी का हिंदी व्यंग्य की कविताओं का सफर 89 वर्ष की आयु में 18 सितंबर 1995 को पूर्ण हुआ और वे प्रभु में विलीन हो गए। विरला संयोग ही है कि काका जन्म दिवस ही उनका अवसान दिवस बना। वर्ष 1962 में उन्होंने संगीत की उन्नति के लिए गर्ग एंड कंपनी बनाई, जो संगीत कार्यालय के नाम से आज भी स्थापित है। इस संगीत कार्यालय की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संगीत के क्षेत्र में शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों के लिए इस कार्यालय से प्रकाशित किताबें के अध्ययन की अनिवार्यता बनी हुई हैं।

उनकी पुस्तकें आवाज सुरीली कैसे करें-उपाय व चिकित्सा, पाश्चात्य संगीत शिक्षा सचित्र शिक्षा, ब्रज के देवालयों में संगीत परंपरा संगीत पॉप म्यूज़िक अंक, लेख तथा स्वरबद्ध गीत, सहस्राब्दी संगीत अंक-विशिष्ट सामग्री, उपशास्त्रीय संगीत अंक लेख मंदिरों, वैदिक संगीत अंक-शोधपूर्ण लेख, सुरैया संगीत अंक जीवनी व स्वरबद्ध गीत, संगीत हृदयनारायणदेव अंक-शोपूर्ण सामग्री, संगीत अमृत महोत्सव अंक, मुसलमान और भारतीय संगीत अंक प्रसिद्ध है।

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