राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में कृष्णांजलि नाट्यशाला में रविवार को ज्योतिबा फूले सांस्कृतिक सम्मेलन एवं एक शाम महापुरुषों के नाम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें मेधावी बच्चों देश भक्ति से ओतप्रेात एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर शमा बांध दिया।
मुख्य अतिथि अभिनेता राकेश राजपूत व सुरेश चंद्र कुशवाहा ने कहा कि भारत की प्रथम अध्यापिका ज्योतिबा फू ले को भारत रत्न जैसी उपाधि नहीं मिली है। जबकि उन्होंने भारत की सम्पूर्ण जनता को शिक्षा के लिये प्रेरित किया। आजाद भारत में जितनी महत्वपूर्ण पदों पर महिला विराजमान हैं वह राष्ट्रमाता फू ले की देन है।
विशिष्ट अतिथि ठा. रघुराज सिंह, प्रकाशवीर आर्य ने महापुरुषों की देश सेवा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के शुभारंभ पर डा. भक्ति साधना ने राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम गाया। इसके बाद केशवधाम की छात्राओं ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों का मनमोह लिया। निधी सारस्वत, नेहा सारस्वत ने धार्मिक गीत गाए।
गौरी गंगा पर प्रकाश डाला। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक बिजेंद्र सैनी, विजेंद्र गोस्वामी, राका जौहरी, जयप्रकाश शर्मा, प्रशांत पाराशर, वीपी आनंद आदि मौजूद रहे। संचालन विनीत सैनी ने किया