मामले में पांच को पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि 17 वर्ष 6 माह के बाल अपचारी की पत्रावली पिछले दिनों किशोर न्यायालय से अदालत आई। जहां उसे मानसिक रूप से एक राय होकर हत्या व हमले में शामिल होने का आरोपी मानकर ट्रायल चला। इस दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया।
अलीगढ़ में टप्पल के गांव जैदपुरा में नौ वर्ष पहले देवर की हत्या और भाभी पर हमले की वारदात में बाल अपचारी को दोषी करार देकर उम्रकैद से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे पाक्सो प्रथम राजीव शुक्ला की अदालत से सुनाया गया है। इस वारदात में पांच अन्य दोषियों को पहले सजा सुनाई जा चुकी है। बाल अपचारी की पत्रावली पर अब फैसला सुनाया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार ये वारदात 21 दिसंबर 2016 की है। वादी मुकदमा के अनुसार उसके परिवार की महिला व बेटी शाम के समय जंगल शौच को गई थीं। जहां गांव की महिला संजू देवी व उसके बेटे अचल ने उनसे मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए । उन्होंने घर आकर जब ये वाकया बताया तो परिजन आरोपी पक्ष से शिकायत करने गए। इस पर आरोपी पक्ष उग्र हो गया और यह कहते हुए घर से हथियार ले आया कि आपकी इतनी हिमाकत कैसे हो गई। इस दौरान एक बाल अपचारी सहित आधा दर्जन आरोपियों ने घर पर आकर फायरिंग की। इस फायरिंग में वादी के भाई पवन की मौत हो गई और एक भाभी मीनू घायल हो गईं।
इस मामले में मुकदमे के आधार पर सत्र परीक्षण में पांच को पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि 17 वर्ष 6 माह के बाल अपचारी की पत्रावली पिछले दिनों किशोर न्यायालय से अदालत आई। जहां उसे मानसिक रूप से एक राय होकर हत्या व हमले में शामिल होने का आरोपी मानकर ट्रायल चला। इस दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार देकर उम्रकैद व 22 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जिसमें से 11 हजार रुपये पीडि़त पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।