हरदुआगंज कांड के दूसरे आरोपी ने जेल जाने से पहले जो कुछ बताया वह वाकई चौंकाने वाला है। दरिंदगी के आरोप में जेल गए किशोर की मानें तो बस दस मिनट के फेर में बिटिया की जान चली गई।
हालांकि उसे इस बात का कतई अंदेशा नहीं था कि चतरा व गोल्डी उसे मार देंगे। वह तो बस उसकी इज्जत से खेलने की खातिर उनके साथ आ गया था। मगर अजय व बुग्गी वाले के आने पर पूरा खेल बिगड़ गया।
पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि पहले से चतरा-गोल्डी प्लानिंग के तहत ईख के खेत पर उसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने इसी प्लानिंग के तहत ईख में फसल को उजाड़ कर खाली स्थान बनाया था।
जब वह अंदर हुज्जत में लगे थे तो बिटिया शोर मचा रही थी। मगर तभी अजय व बुग्गी वाले को आता देख बिटिया का मुंह बंद किया गया। यह बस इसलिए किया गया कि चीख की आवाज बाहर न जाए।
मगर बाहर बिटिया की साइकिल पड़ी थी और बिटिया की चीखें नहीं रुक पा रही थीं। यही पूरा खेल बिगड़ गया और बिटिया को जान से हाथ धोना पड़ा। जेल जाने से पहले उसने बार-बार यही कहा कि उसे इस घटना का पछतावा है।