हड़ताल होने पर इमरजेंसी में पड़ा सन्नाटा।
- फोटो : Rupesh
सातवें वेतनमान की मांग कर रहे जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया है। रविवार सुबह 8 बजे से जूनियर डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे। यह निर्णय शनिवार को रेजीडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों व एएमयू रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद की बैठक में लिया गया। जूनियर डॉक्टर 17 जून से हड़ताल पर थे।
शनिवार सुबह 11 बजे रेजीडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के पदाधिकारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए बैठक में उनसे मिलने एएमयू रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद पहुंचे। आरडीए के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सातवां वेतनमान सहित अन्य मांगें 22 जुलाई तक नहीं मानी गई तो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय व अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ मिलकर हड़ताल करेंगे। बैठक में एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद हमजा, सचिव डॉ. शादमा शाहीन आदि मौजूद रहे।
आरडीए नेताओं ने डीएम को लिखा खत
आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी एवं उपाध्यक्ष डॉ. हमजा मलिक ने जिलाधिकारी को खत लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है। आरडीए नेताओं का कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज में 350 कंसलटेंट, 80 सीनियर रेजीडेंट्स, 150 इंटर्न और करीब 750 पैरा मेडिकल स्टाफ है। ऐसी स्थिति में यदि मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है तो अधिकारियों से सवाल पूछा जाना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है। आरडीए नेताओं का कहना है कि वरिष्ठ चिकित्सक इमरजेंसी में मरीजों को देखें तो कोई प्रभावित नहीं होगा। आरडीए नेताओं का कहना है कि वे लोग कई साल से सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं। 109 दिन धरना दे चुके हैं और दो दिन की हड़ताल भी कर चुके हैं।