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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अवैध घोषित

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जेएन मेडिकल में हड़ताल के दौरान इमरजेंसी बंद होने पर वापस लौटते मरीज। - फोटो : CITY OFFICE
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सातवें वेतनमान की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सभी डॉक्टरों के अभिभावकों को खत लिखकर अवैध हड़ताल की जानकारी दी जा रही है। पत्र में यह भी उल्लेख किया जा रहा है कि उनके बच्चे बिना सूचना गायब हैं।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं सीएमएस प्रो. एससी शर्मा ने बताया कि हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया गया है। अभिभावकों को खत लिखकर बिना सूचना गायब रहने की जानकारी दी गई है।
उनका यह भी कहना है कि बातचीत के लिए बुलाने पर आरडीए के पदाधिकारी नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सामूहिक अवकाश पर गए हैं, उनका एमडी का टेन्योर बढ़ सकता है। सीएमएस ने दावा किया कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से इमरजेंसी छोड़कर अन्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी है। इमरजेंसी में सिर्फ प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। ओपीडी में मंगलवार को करीब 2000 मरीज देखे गए।
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दस ऑपरेशन भी हुए हैं। पहले से जो मरीज भर्ती हैं, उनका उपचार जारी है। सीनियर रेजीडेंट, इंटर्न एवं कंसलटेंट काम कर रहे हैं। 90 प्रतिशत शिक्षक अवकाश रद्द कर ड्यूटी पर आ गए हैं।
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