शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने लोगों से जुमा अलविदा नमाज के बजाय लोग अपने घरों पर जोहर की नमाज पढ़ने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि रमजान मुबारक का महीना अब रुख्सत भी हो रहा है। अफसोस, मस्जिदें इस मुबारक महीने में भी अपने नमाजियों के हुजूम के जज्बा-ए-शौक को तरसती रह गई। शहर मुफ्ती ने कहा कि कोविड-19 महामारी एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे बचना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जुमा अलविदा में भी मस्जिदों में केवल तीन-चार लोग ही नमाज पढ़ेंगे। बाकी लोग अपने घरों पर जोहर की नमाज पढ़ें। इसी तरह ईद की नमाज घर पर पढ़ने के लिए चार लोगों का होना जरूरी है। सादगी से ईद मनाएं। उधर, पार्षद शाकिर अली ने लोगों से जुमा अलविदा व ईद की नमाज घर पर पढ़ने की अपील की। घर पर ही अल्लाह का जिक्र करे।