महाराष्ट्र से लौटे प्रवासी श्रमिकों के जरिये कोरोना संक्रमण गांव में पहुंचने के बाद एक बड़ा सवाल ग्रामीणों के सिरदर्द का कारण बना हुआ है। अब तक सुरक्षित अपने जिले के ग्रामीण अंचल में अब कहां किस अंदाज में कोरोना विस्फोट होगा? कुछ कहा नहीं जा सकता? वजह साफ है जो प्रवासी क्वारंटीन सेंटरों से सैंपलिंग के बाद गांव भेजे गए थे, वह गांव में घूम रहे थे और उनका लोगों से मिलना-जुलना जारी था। अब जक उनमें से सात की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो उनके गांवों में खलबली मच गई है और उनके संपर्क में आए लोगों में दहशत है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर से गांवों को सील कराकर संपर्कियों की सूची बनाकर उनकी सैंपलिंग की व्यवस्था कराई जा रही है। मगर, सवाल है कि इन्हें सैंपल रिपोर्ट आने तक गांव भेजा ही क्यों गया था?
वैसे यह पहला दिन नहीं, जब प्रवासी मजदूर पॉजिटिव आए हैं। यह लगातार चौथा दिन है, जब प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। सुबह लखनऊ केजीएमयू से जांच रिपोर्ट आने के बाद जब यह खबर गांवों में टीमों के पहुंचने पर फैली तो खलबली मच गई। टीमों ने मौके पर पहुंचकर संक्रमितों को कोविड एल-1 अस्पातलों में भेजा। उनके परिवार वालों को होम क्वारंटीन करने के साथ ही गांवों में सैनेटाइजिंग का काम कराया गया। साथ में उनके संपर्कियों की खोज करते हुए उनकी सूची बनाना शुरू कर दिया है।
इधर, संक्रमित मिलने के बाद गांव में बच्चों को लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौरव शर्मा ने लोगों की की सैंपल रिपोर्ट आने तक गांव भेजने के फैसले पर आपत्ति जताई है। कहा है कि लोग गांव पहुंचने के बाद घूमने से बाज नहीं आ रहे। रिपोर्ट आने तक इन्हें क्वारंटीन सेंटर पर ही रखा जाए।
ये है सातों की ट्रेवल हिस्ट्री
- 27 वर्षीय युवक निवासी मलहपुर, अतरौली के परिवार में नौ लोग हैं। दो भाई मुंबई से 16 मई को आए थे। इगलास क्वारंटीन सेंटर में इनकी सैंपलिंग के बाद 17 मई को दोनों को घर भेज दिया था। जांच रिपोर्ट में एक भाई, जिसको संक्रमित पाया गया है। यह गांव में 17 लोगों के संपर्क में आया था। युवक के परिवार के साथ उन सभी को भी क्वारंटीन किया गया है।
-54 साल का व्यक्ति और 19 साल की उसकी बेटी सहनौल अतरौली के कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनके परिवार को होम क्वारंटीन किया गया है। यह भी महाराष्ट्र से आए थे। इनके परिवार को क्वांरटीन किया गया है। जांच में पता चला है कि संक्रमित युवती गांव में घूमी है और पास के कस्बा काजिमाबाद खरीदारी करने और वहां किसी ब्यूटी पार्लर पर गई है। इन संपर्कों को देखा जा रहा है।
-बरला का 21 साल के युवक के परिवार में 8 और दतावली के 26 साल के युवक के घर में 5 सदस्य हैं। इन्हें भी क्वारंटीन कर दिया है। इनमें से दलावली वाले युवक के विषय में जानकारी मिली है कि वह गांव में घूमते हुए लोगों के संपर्क में आया है।
-23 साल का गभाना के गांव हसनपुर का युवक संक्रमित मिला है। वह भी 16 मई को मुंबई से लौटा था। परिवार में छह लोग हैं। उन सभी को होम क्वारंटीन किया गया है।
-25 साल का युवक गोरई इगलास से संक्रमित है। वह 16 मई को नासिक से लौटा था। इसके परिवार में तीन लोग होम क्वारंटीन किए हैं।
- सभी संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें जुटा रहीं हैं। जानकारी के आधार पर उन सभी को भी क्वारंटीन किया जाएगा। जरूरत के आधार पर सैंपलिंग भी कराई जाएगी।-चंद्रभूषण सिंह डीएम
मानिक चौक में मौत के बाद रैंडम सैंपलिंग से मिले तीन केस
शहर के मानिक चौक इलाके में बृहस्पतिवार शाम जो तीन केस सामने आए हैं, उन तीनों को उनकी उम्र व तबियत को देखते हुए जेएन मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है। इनमें से एक 45 वर्षीय महिला की हालत ज्यादा नाजुक है, जबकि दो महिलाएं 60 व 80 वर्ष उम्र की हैं। वहीं, रियाज कालोनी की महिला पहले से मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
मानिक चौक की महिलाओं के विषय में जानकारी आई है कि इस इलाके में कोरोना से व्यापारी की मौत के बाद जब रैंडम सैंपलिंग कराई गई तो इन तीनों महिलाओं के सैंपल लक्षणों के आधार पर लिए गए थे। यह तीनों मोहल्ले में खूब घूम रही थीं और मिल-जुल रही थीं। तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब इन्हें मेडिकल में भरती कराते हुए परिवारों को होम क्वारंटीन करा दिया गया है। वहीं रियाज कालोनी की महिला का पहले से मेडिकल में इलाज चल रहा है। जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब देर रात परिवार को होम क्वांरटीन कराने का काम चल रहा था। साथ में इलाके को सील भी कराया जा रहा था।