डॉ. राहत अबरार ने कहा कि देश में जब भी कोई बड़ा आंदोलन होता था, तब वह यूनिवर्सिटी की राय लेने के लिए आते थे। यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की नब्ज टटोलने मार्क आए थे।
वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का 25 जनवरी को निधन हो गया। वह वर्ष 2016 में एएमयू आए थे। उन्होंने अंतिम बार विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया था। मार्क 12 से ज्यादा बार अलीगढ़ आ चुके हैं।
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एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि दो नवंबर 2016 को यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक सभागार में मार्क टली ने ‘जलवायु परिवर्तन’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया था। उन्होंने न सिर्फ विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया था, बल्कि उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए थे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे गंभीर वैश्विक समस्याओं में से एक माना था, जिसके लिए मानव की लापरवाह जीवनशैली काफी हद तक जिम्मेदार है। ग्रीनहाउस प्रभाव मानव गतिविधियों का परिणाम है, जिससे पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है।
डॉ. राहत अबरार ने कहा कि देश में जब भी कोई बड़ा आंदोलन होता था, तब वह यूनिवर्सिटी की राय लेने के लिए आते थे। यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की नब्ज टटोलने मार्क आए थे।