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जेएनयू के छात्र नेता पहुंचे एएमयू, प्रदर्शन में हुए शामिल

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एनआरसी, सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सम्बोधित करते जेएनयू छात्र। - फोटो : CITY OFFICE
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नागरिका संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर और जेएनयू हिंसा को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में चल रहे धरना-प्रदर्शन में सोमवार को जेएनयू के छात्र नेता भी शामिल हुए। सोमवार को छात्र नेता स्नेहाशीष, सादात हुसैन, सबाहा महाराज और समाया एस बाब ए सैयद पर चल रहे धरने पर पहुंचे। यहां पर एकजुटता की अपील करते हुए सीएए का विरोध करने का आह्वान किया गया।
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जेएनयू की छात्रा सायमा एस ने कहा कि मुसलमानों को हमेशा से ही संदेह की नजर से देखा जाता है। जबकि मुसलमानों की स्वतंत्र पहचान है। छात्र नेता सादात हुसैन ने कहा कि वह बहुजन राजनीति से आते हैं। दो हजार सालों तक समाज की मुख्य धारा से बाहर रखा गया। एक व्यक्ति ने संविधान की रचना करके हमें इंसानों के अधिकार दिए। छात्रा सबाहा महाराज ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को हमेशा दबा कुचला समझा जाता है, जो सही धारणा नहीं है। इसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यूनिवर्सिटी संभालने में नाकाम साबित हुआ है। यह आरएसएस के लोगों से छिप कर मीटिंग करते हैं। छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पता होना चाहिए कि उन्हें क्या कहना है। उन्होंने कहा कि इस धरने को चलाने वाले सामान्य छात्र हैं, जिन्होंने को-आर्डिनेशन कमेटी बना रखी है। उसमें कोई निलंबित छात्र नहीं है।
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अमुटा ने निकाला प्रोटेस्ट मार्च
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने भी सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में सोमवार को कैंपस में एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इस दौरान कहा गया कि मौजूदा स्वरूप में सीएए और अन्य प्रावधानों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
टीचर्स सबसे पहले स्टाफ क्लब पर इकट्ठा हुुए। इसके बाद मौलाना आजाद लाइब्रेरी होते हुए चुंगी गेट पर पहुंचे। वहां से वापस दीनियात विभाग, आर्ट्स फैकल्टी, पीवीसी लाज होते हुए बाब ए सैयद पर पहुंचे। यहां पर शिक्षकों ने कहा कि सीएए पूरी तरह से असंवैधानिक है। इसके अलावा इस स्थिति में विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
अमुटा के सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम ने बताया कि शिक्षकों ने कुलपति से अपील की कि वह छात्रों के अंदर भरोसा पैदा करें। जिन बेकसूर छात्रों के नाम गलत तरीके से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसे रद्द करवाया जाए।

एएमयूः नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कुछ इस तरह शांतिपूर्ण विरोध व्यक्त करती छात्राएं।- फोटो : CITY OFFICE

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