। 2 मिनट 47 सेकेंड के वीडियो में जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाएं चिल्लाते और रोती रहीं। इसके बाद सीएमओ कार्यालय में 51 सेकेंड के वीडियो में महिलाओं ने नर्स पर आरोप लगाया कि उसने मरीज के मरने की बात कही। नौ सेकेंड के वीडियो में मेडिकल काॅलेज कर्मचारी वीडियो बना रहे परिजनों पर भड़कते नजर आए।
अलीगढ़ में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के सर्जिकल वार्ड में एक बार फिर हिंसा की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। रविवार की रात को मेडिकल काॅलेज के सर्जिकल वार्ड से लेकर सीएमओ कार्यालय व ट्रामा सेंटर के बाहर व भीतर के पांच वीडियो वायरल हुए, जिसमें वार्ड की लाइट को बंद कर तीमारदारों और मेडिकल स्टाफ में जमकर मारपीट हुई। इसमें वीडियो में लाइट जलाने और महिलाओं के चिल्लाने की आवाज है। दो मिनट के इस वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए?
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सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज भूदेव के साथ तीन महिलाएं थीं। रविवार को किसी बात को लेकर चिकित्सकीय स्टाफ से नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ा तो महिलाओं ने मेडिकल काॅलेज स्टाफ की बातों को मोबाइल में रिकार्ड करना शुरू कर दिया। यह स्टाफ को नागवार गुजरा और वह महिला से मोबाइल छीनने के लिए झपटा, जिससे महिला का मोबाइल जमीन पर गिर गया।
इतने ही देर में वार्ड की बिजली गुल हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनता रहा। 2 मिनट 47 सेकेंड के वीडियो में जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाएं चिल्लाते और रोती रहीं। इसके बाद सीएमओ कार्यालय में 51 सेकेंड के वीडियो में महिलाओं ने नर्स पर आरोप लगाया कि उसने मरीज के मरने की बात कही। नौ सेकेंड के वीडियो में मेडिकल काॅलेज कर्मचारी वीडियो बना रहे परिजनों पर भड़कते नजर आए। वहीं एक और 31 सेकेंड के वीडियो में ट्रामा सेंटर के बाहर से स्टाफ महिलाओं को बुला कर सीएमओ कार्यालय में ले जाने की बात करती रही। जिसमें महिलाओं ने कहा कि वार्ड में चप्पलों से मारा गया।
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वार्ड में मरीज पहले से गंभीर हालत में हैं, लेकिन स्टाफ और तीमारदारों की आपसी लड़ाई ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। खुद स्टाफ ने भी मेडिकल काॅलेज की सुरक्षा पर सवाल उठाया। नर्स शोभा ने कहा कि मारपीट के दौरान सुरक्षा गार्डों ने कोई मदद नहीं की। स्टाफ ने पूरी मदद की।