इमरजेंसी में दिखाने के लिए पर्ची कटवाते लोग।
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जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सोमवार की शाम को मेडिकल स्टाफ के साथ हुई मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को इमरजेंसी में कामकाज सुचारु रहा।
मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंशियल डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हमजा मलिक ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं और इमरजेंसी में सभी सेवाएं सामान्य हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को जोहराबाद के कुछ लोग सांस के मरीज को लेकर इमरजेंसी में आए। मरीज को वेंटिलेटर की आवश्यकता थी लेकिन इमरजेंसी के सभी वेंटिलेटर मरीजों को लगे हुए थे।
उन्हें जब इस स्थिति से अवगत कराया गया तो वह लोग मेडिकल स्टाफ से गाली गलौज करने लगे और देखते ही देखते मारपीट शुरू कर दी थी। इस पूरे घटनाक्रम से आरडीए ने पत्र लिखकर कुलपति को भी अवगत करा दिया था। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने से वह संतुष्ट हैं। अब इस मामले में कानून अपना काम करेगा।
मरीजों को देखते हुए वेंटिलेटर की संख्या बहुत कम
जेएन मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में दो और आईसीयू में 10 वेंटिलेटर हैं। एक वेंटिलेटर एचआईवी और टीबी के मरीजों के लिए अलग कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए वेंटिलेटर की संख्या बहुत ही कम है। कुछ महीने पहले वेंटिलेटर्स की संख्या बढ़ाने के लिए नए योजना भी बन रही थी। लेकिन इस बीच महामारी का प्रसार हो गया और वेंटिलेटर से पहले टेस्टिंग मशीन खरीदना प्राथमिकता बन गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य की संख्या को बढ़ाने की बात कही है।