अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का जेएन मेडिकल कॉलेज कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर गंभीर प्रयास कर रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज इंडियन मेडिकल काउंसिल फॉर रिसर्च के निरंतर संपर्क में है। यह बात एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कही। वह अलीगस एकेडमिक एनरिचमेंट प्रोग्राम (एएईपी) तथा अलीगढ़ मेडिकल एलुमनाई एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (एएमएएनए) के सहयोग से आयोजित बेविनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जेएनएमसी ने अब तक 87,000 से अधिक कोविड नमूनों का परीक्षण किया है। कोविड रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। डा. कोहकन शम्सी (अध्यक्ष, अमाना) ने संयुक्त राज्य अमेरिका तथा डा. तमकीन रब्बानी (अध्यक्ष, स्त्री रोग और प्रसूति विभाग, जेएनएमसी) ने भारत की ओर से व्याख्यान श्रृंखला के समन्वयक के रूप में कार्य किया। डॉ. अनूप कटियाल (यूएसए) ने आईसीयू के संदर्भ में कोविड-19 पर चर्चा की और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। डा. शाद अबकरी (भारत) ने जेएनएमसी में कोविड केयर टीम की स्थापना की पृष्ठभूमि पर चर्चा की। अपने न्यूयॉर्क स्थित अस्पताल में कोविड एयरवेज की व्यवस्था करने में अपने अनुभव साझा कर डॉ. तजईन बेग ने पीपीई सुरक्षा पर चर्चा करते हुए एयरवे एक्सचेंज के समय आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
डॉ. हैदर हुसैनी (भारत) ने जेएनएमसी में लागू कोविड मैनेजमेंट प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सायमा रफीक (यूएसए) ने कहा कि कोविड-19 का खतरा सबसे अधिक गर्भवती महिलाओं को होता है। डॉ. हिबा समी (भारत) ने जेएनएमसी लैब में कोविड नमूनों के परीक्षण में आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की और उनके समाधानों पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व प्रो. सैयद जिया-उर-रहमान (समन्वयक, एएईपी) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. सादिया चुगताई (सचिव, अमाना) ने आभार व्यक्त किया।