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जेएन मेडिकल कॉलेज भर्ती नहीं कर रहा कोरोना मरीज, शासन से होगी शिकायत

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कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के बाद अब जेएन मेडिकल कॉलेज भी मनमानी पर आ गया है। वहां कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। साथ ही क्षमता में भी इजाफा नहीं किया जा रहा है। सीडीओ ने मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान यह बात रखी। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन के रवैये में बदलाव न आने पर शासन से शिकायत की जाएगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सीडीओ ने बताया कि सोमवार के 96 कोविड-19 संक्रमितों में से 5 मरीज डुप्लीकेट हैं। इनके डाटा को जेएनएमसी से डिलीट कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जेएन मेडिकल कॉलेज द्वारा कोविड-19 से धनात्मक मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा। यह हाल तब है जब शासन द्वारा कोविड के इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य जेएनएमसी से वार्ता कर दुविधाओं को दूर कराया जाए। यदि इसमें किसी भी प्रकार की कोई समस्या आ रही है तो अवगत कराएं फिर भी जेएनएमसी द्वारा कोविड का उपचार नहीं किया जाता है, तो लिखित में अपनी आख्या पेश करें, जिसे शासन को कार्रवाई की संस्तुति के साथ भेजा जाए।
वहीं, सभी एसडीएम को सख्ती के साथ निर्देश दिए कि वह अपने-अपने इलाकों में आने वाले मरीजों के संपर्क वालों की सैंपलिंग कराने की योजना तैयार कर उस पर काम करें। लापरवाही पर उनके खिलाफ भी शासन को लिख दिया जाएगा। पोषण माह के अंतर्गत पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किए जाने वाले सैम/मैम बच्चों के संबंध निर्देश दिए कि इन बच्चों का एवं इनके अभिभावक का कोविड टेस्ट जरूर कराया जाए। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए। इसके संबंध में एनआरसी के नोडल के रूप में कोल एसडीएम अनीता यादव को नियुक्त किया है।
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धरना प्रदर्शन करने या ज्ञापन देने से पहले कराना होगा कोरोना टेस्ट
डीएम ने जनपद में कोरोना संक्त्रस्मण को रोकने के लिए निर्देश दिए हैं कि अब ज्ञापन देने व धरना/प्रदर्शन से पहले लोगों की कोविड-19 की जांच अवश्य होगी। बिना जांच के किसी को भी ज्ञापन देने या धरना देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर, जांच में कोई संक्त्रस्मित पाया जाता है तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती तत्काल प्रभाव से किया जाएगा।
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