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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में हुआ दुर्लभ ऑपरेशन

Wed, 18 Nov 2020 12:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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दिल के छेद का सफल ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की टीम के साथ बच्ची। - फोटो : amar ujala
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दिवाली का त्योहार पांच महीने की कनिका के घर में कभी नहीं भूलने वाली खुशियां लेकर आया। इस बच्ची का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में दिल के छेद का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया है। जिससे परिवार की खोई हुई मुस्कान लौट आई है।

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मेडिकल कॉलेज के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने 40 मिनट तक दिल और फेफड़े की प्रक्रिया को तकनीकी से थामा और दिल के छेद के इस दुर्लभ ऑपरेशन को सफ लतापूर्वक अंजाम दिया। खुर्जा निवासी कनिका जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित थी। हृदय में छेद होने के कारण उसका शरीर नीला पड़ जाता था। उसके फेफड़ों से प्रवाहित होने वाला साफ रक्त गंदे रक्त से मिल जाता था। जिसके चलते वह लगातार बीमार चल रही थी और वजन भी नहीं बढ़ रहा था।

कनिका के माता-पिता उसे जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर बाल एवं शिशु रोग हृदय विशेषज्ञ डॉ. शाद अबकरी और डॉ. एम कामरान मिर्जा ने उसकी ईको कार्डियोग्राफी करके पूरी बीमारी का पता लगाया। जिसके बाद उसका ऑपेरशन तय हुआ। डाक्टरों की टीम ने बच्ची का प्री सर्जरी परीक्षण भी किया।
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कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष और प्रमुख कार्डियक सर्जन डॉ. एम आजम हसीन की टीम के सदस्यों ने लगातार 4 घंटे तक चली इस सर्जरी को पूरा किया और कनिका को नया जीवन प्रदान किया। डॉ. आजम हसीन ने बताया कि बच्ची का वजन 4 किलोग्राम होने के चलते सर्जरी करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। एक विशेष तकनीक से डॉ. साबिर अली खान ने मेडिसिन एंड हार्ट लंग्स मशीन की मदद से ऑपरेशन के दौरान बच्ची के हृदय और फेफड़ों को 40 मिनट तक थाम कर रखा। चिकित्सकों की टीम में शामिल डा. सुमित प्रताप सिंह और डॉ. मयंक यादव और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नदीम रजा ने विशेष सहयोग किया।

बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई सर्जरी पूरी तरह नि: शुल्क, कुलपति ने बधाई दी
डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के समन्वयक और जेएन मेडिकल कॉलेज के बाल एवं शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कामरान अजमल ने बताया कि इस सर्जरी को भारत सरकार के बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क अंजाम दिया गया है।

एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि मरीजों को ऐसे इलाज के लिए अलीगढ़ से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जेएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज मार्च में लॉकडाउन के बाद से 130 से अधिक कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी के साथ-साथ अन्य दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दे चुका है।

मेडिसिन फैकल्टी के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा है कि जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में मरीज जेएन मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर रहे हैं।

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