इस अजीबोगरीब घटना से एक सवाल उठता है कि ब्लड बैंक में रखे गए ब्लड या डोनर द्वारा किए गए ब्लड के एचआईवी की जानकारी कैसे होगी। अगर विडो पीरियड में किसी ने ब्लड डोनेट कर दिया तो वह ब्लड जिसे चढ़ेगा वह भी संक्रमित हो जाएगा। अगर इस व्यक्ति ने ब्लड डोनेट कर वहीं खून महिला को चढ़वाने आता तो एचआईवी संक्रमण का पता नहीं चलता।
एचआईवी विंडो पीरियड
एचआईवी विंडो पीरियड वह समय है जब एचआईवी वाइरस के संपर्क में आने के बाद भी एचआईवी टेस्ट में उसका पता नहीं चलता। यह समय 2 सप्ताह से 6 महीने तक हो सकती है। विंडो पीरियड में एचआईवी टेस्ट के दौरान गलत नकारात्मक आ सकता है, लेकिन संक्रमित व्यक्ति दूसरों को संक्रमित कर सकता है।