जहरीली शराब बेचने के मुख्य आरोपी तस्करों पर एक और तगड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम के निर्देश पर राजस्व, पुलिस व आयकर की टीमें इनकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लग गई हैं। इन संपत्तियों को सरकार के हक में जब्त किया जाएगा और उन पर बने भवनों को ध्वस्त करने के लिए जेसीबी चलाई जाएंगी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशन के अनुसार तय किया गया है कि जितने भी मुख्य शराब माफिया इस प्रकरण में सामने आ रहे हैं, उन्हें पुलिस के अनुसार सूचीबद्ध किया जा रहा है। इनमें अब तक अनिल चौधरी, ऋषि, मुनीष, विपिन यादव, गंगाराम, शिशुपाल, दिगपाल, नरेंद्र, रविंद्र पाठक आदि शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जो भी नाम सामने आएंगे, उन सभी की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में राजस्व टीमें व आयकर टीमें लग गई हैं। उनके बैंक खातों से लेकर चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इन संपत्तियों को सरकार के हक में जब्त करने के साथ-साथ उन पर जेसीबी चलाने का काम किया जाएगा।
अनिल के भाई सुधीर पर भी कसा शिकंजा, मुकदमा दर्ज
जहरीली शराब के तस्कर अनिल चौधरी के बड़े भाई पूर्व में उसके कारोबारों में साथ रहे सुधीर चौधरी पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सुधीर चौधरी के खिलाफ गोंडा थाने में फिलहाल एक मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, इगलास में दूसरे मुकदमे की तैयारी है।
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानिया के अनुसार सुधीर-अनिल के दो कोल्ड स्टोर हैं। एक पींजीर गोंडा और दूसरा गहलऊ में। इनके भंडारण का कोई लाइसेंस इनके पास नहीं है। कई बार कहे जाने के बाद भी लाइसेंस नहीं लिया। इसी क्रम में गोंडा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन दोनों कोल्ड स्टोरों में 1800 किसानों का 3.40 लाख बोरा आलू रखा हुआ है। बता दें कि इस शराब तस्करी कांड में अभी तक सुधीर के खिलाफ कहीं कोई मुकदमा नहीं लिखा गया है।