रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के ट्वीट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी, जब उन्होंने गुरुवार को बाबा बता दें, कब और कहां गिरफ्तारी देनी है, टैग लाइन से ट्वीट करके भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। दरअसल, 9 फरवरी को वह अलीगढ़ जिले के मुरवार पैंठ, इगलास में रालोद की ओर से आयोजित किसान पंचायत में शामिल होने आए थे, जहां उनके खिलाफ महामारी अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
उनके अलावा जिले के नेता राजवीर सिंह, नवाब सिंह आदि आरोपी बनाए गए हैं। हजारों कार्यकर्ता के खिलाफ अज्ञात मुकदमा दर्ज किया गया। जयंत चौधरी के अनुसार, किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। भले ही कितने मुकदमे दर्ज क्यों न हो जाए। शाम तक दो हजार से ज्यादा लोगों ने रीट्वीट भी किया। वहीं, 10 हजार से ज्यादा लोगों ने ट्वीट को पसंद भी किया।
उधर, रालोद के कार्यकर्ता जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में एसएसपी से मुलाकात करने गए। पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि एसएसपी ने मुलाकात करने से मना कर दिया, जबकि एसएसपी ने उनके वकील से मुलाकात करके न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कार्यकर्ताओं ने ने कहा कि किसी भी तरह से कानून के खिलाफ काम नहीं किया गया। प्रशासन के दिशा-निर्देश का पालन किया गया है। इगलास पुलिस ने राजनैतिक द्वेष भावना से जयंत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, संजीव सूर्यवंशी, नवाब सिंह छोंकर, राजेश ठेनुआ, अमित ठेेनुआ, हरचरण सिंह, ओमवीर दिवाकर मौजूद रहे।