नेहा और काव्या के पिता प्रशांत ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। बच्चों ने बोलना और हंसना शुरू कर दिया है। स्पेशल वार्ड में भर्ती बच्चों के खून, धड़कन की जांच की जा चुकी है।
चूरन समझकर सल्फास चाटने वाले आठ बच्चों में से एक बच्ची में पीलिया के लक्षण मिले हैं। बाकी बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। बच्चों ने बोलना-हंसना शुरू कर दिया है। चार-पांच दिन और बच्चे जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी रहेंगे।
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अतरौली तहसील के गांव नरौना आकापुर के कंपोजिट स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर एक अगस्त को आठ बच्चों ने सल्फास को चूरन समझकर चाट लिया था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। मेडिकल कॉलेज में मुस्कान (3) पुत्री वीरेश, निखिल (4) पुत्र डोरीलाल, राधिका (4) और रोशनी (3) पुत्री सोनू, नेहा (5) और काव्या (4) पुत्री प्रशांत, सुमन (5) और यश कुमार (3) पुत्र प्रेमशंकर का उपचार चल रहा है। इनमें मुस्कान में पीलिया के लक्षण मिले हैं। सुमन व यश कुमार के पिता प्रेमशंकर ने बताया कि बच्चों ने बिस्किट खाना और पानी पीना शुरू कर दिया है।
नेहा और काव्या के पिता प्रशांत ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। बच्चों ने बोलना और हंसना शुरू कर दिया है। स्पेशल वार्ड में भर्ती बच्चों के खून, धड़कन की जांच की जा चुकी है। बच्चों के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर जब बच्चों की हालत से संतुष्ट हो जाएंगे, तभी डिस्चार्ज करेंगे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, बच्चों का उपचार हो रहा है। उनके स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रखी जा रही है।