जनपद मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर टप्पल ब्लॉक के गांव ताहरपुर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों का तातां लगेगा। इस मंदिर में शिव परिवार, हनुमानजी, सीताराम भगवान सहित कई देवी-देवताओं के अलग-अलग मंदिर हैं। शिवजी पर कांवड़ चढ़ती है, लेकिन सबसे ज्यादा आस्था करीब 500 साल पुरानी समाधि पर है।
गांव निवासी 70 वर्षीय चौधरी देवदत्त प्रधान बताते हैं कि इस स्थान पर किसी सिद्ध पुरुष की 500 साल पुरानी समाधि थी। अयोध्या से यहां आए एक महात्मा ने ग्रामीणों के सहयोग से इस समाधि स्थल पर वर्ष 1974 के करीब मंदिर का निर्माण कराया गया। गांव के चंदन सिंह ने मंदिर के लिए करीब तीन बीघा जमीन दान दी। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में इस मंदिर की मान्यता बहुत है। महाशिवरात्रि के अलावा सावन के प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त यहां जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद रहता है। मान्यता है कि सच्चे मन से जो भी भक्त यहां आते हैं उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मंदिर के मुख्य पुजारी महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर कीर्तन और जलाभिषेक के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्तों के लिए जलपान व आराम की सुगम व्यवस्था की गई है।