दिल्ली से बिहार जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस में नवंबर 2013 में हुए चर्चित डकैती कांड में एक आरोपी विनीत जाटव को एडीजे कोर्ट-आठ के न्यायाधीश नंद प्रताप ओझा ने छह साल कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। विनीत जाटव नोएडा के संतोष नगर में किराए के मकान में रहता था। मूलरूप से वह बुलंदशहर के झंगीराबाद का रहने वाला है। इस मुकदमे से संबंधित पांच आरोपी फरार हैं।
एडीजीसी हर्षवर्धन ने बताया कि 19 नवंबर 2013 को वादी बिंदेश्वरी राम पुत्र नकछेदी राम निवासी सझौंती, गोरीगाई, अलौली, खगड़िया(बिहार) ने मुगलसराय जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का आरोप था कि वह आनंद बिहार स्टेशन से पटना के लिए जनसाधरण एक्सप्रेस(12338) में सवार हुआ था। गाजियाबाद स्टेशन से ट्रेन में छह सात लोग वेंडर बनकर सवार हुए और गाड़ी के चलते ही उन्होंने हाथों में तमंचे लेकर यात्रियों से लूटपाट, मारपीट, गाली-गलौज शुरू कर दी। लूटपाट के दौरान स्वयं वादी से दस हजार, सीतामढ़ी निवासी जयचंद व रघुनाथ, भुजावन से क्रमश 95 सौ, 10 हजार व 12 हजार रुपये व मोबाइल, बक्सर निवासी यात्री पारसनाथ से 15 हजार रुपये व मोबाइल सहित अन्य कई यात्रियों से लूट की थी। इस मामले में मुगलसराय जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज हुई, जिसकी विवेचना बाद में जीआरपी अलीगढ़ द्वारा की गई। जांच में पंकज कौरी, दीपक कौरी, जगमोहन उर्फ बौना का नाम सामने आया।
इनको गिरफ्तार करने पर इन्होंने वारदात कुबूल की। साथ ही अपने साथी विनीत जाटव, प्रेमचंद और रवि का नाम उजागर किया। इनकी निशानदेही पर इन तीनों को भी गिरफ्तार किया गया। जेल जाने के बाद सभी आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। तभी से विनीत को छोड़ अन्य आरोपी फरारी काट रहे हैं। एडीजीसी के मुताबिक फरार आरोपियों के हाजिर न होने पर उनकी व विनीत की फाइल को अलग कर दिया गया। विनीत के मामले की सुनवाई करते हुए एडीजेे कोर्ट-आठ से आरोपी विनीत जाटव को छह साल की कैद और 20 हजार के जुर्माने से दंडित किया गया है।