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Jammu Accident: हाथरस में एक साथ जलीं आठ चिताएं, हर आंख नम; रोती-बिलखती महिलाएं बोलीं- अब मेरा ख्याल कौन रखेगा

Mon, 03 Jun 2024 10:46 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

जम्मू के अखनूर में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस वीरवार को जम्मू-पुंछ हाईवे पर सड़क से फिसलकर 150 फीट गहरी खाई में खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 69 घायल हैं। बस में 90 से अधिक लोग सवार थे।
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Jammu akhnoor Accident - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के अखनूर में हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले नगला उदय सिंह व मझोला गांव के 10 श्रद्धालुओं का रविवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। नौ शवों के लिए आठ चिताएं सजाई गईं, जबकि आठ साल की बच्ची को दफन किया गया। 
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अपनों के शवों को देखकर महिलाएं गश खाकर गिर रही थीं, उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकल रहे थे कि अब मेरा ख्याल कौन रखेगा, मेरी बात कौन सुनेगा। सपनों को बिखरता देख वह विलाप कर रही थीं। परिजनों को रोता-बिलखता देख हर आंख नम थी।

30 मई की दोपहर करीब 12 बजे जम्मू के अखनूर में हुए बस हादसे में अलीगढ़ व हाथरस जिले के 22 लोगों की जान चली गई थी। इनमें हाथरस के गांव नगला उदय सिंह की रज्जो, धर्मवती, वीरपाल, यश, ऋषिपाल और मझोला की प्राची, रेनू, जय प्रकाश, राहुल और रणवीर की मौत हुई थी। 
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शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे झेलम एक्सप्रेस से सभी 10 शव मथुरा जंक्शन लाए गए। वहां से रात ढाई बजे शवों को एंबुलेंस के जरिये गांवों में लाया गया। गांव मझोला में घरों के बजाय शवों को सीधे अंत्येष्टि स्थल पर ले जाया गया। एंबुलेंस के पीछे-पीछे महिलाएं, बच्चों और ग्रामीणों की भीड़ रोते-बिलखते चल रही थी। 

वहीं, नगला उदय सिंह में ग्रामीणों ने गांव के बाहर तीन घंटे तक शवों को रोके रखा। सुबह करीब 5:30 बजे शवों को 15 मिनट के लिए घरों पर ले जाया गया। सुबह 6:32 बजे चार चिताओं में पांच शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

 

दादा व नाती का एक ही चिता में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, मझोला गांव में भी चार चिताएं सजाई गईं। सुबह 4:40 बजे चार शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि आठ साल की प्राची को ताऊ, चाचा व गांव के लोगों ने गड्ढे में दफन किया।
 

दस वर्षीय बेटा बढ़ाता रहा पिता का हौसला
जम्मू कश्मीर के अखनूर में हुए बस हादसे में घायल सुभाष सिंह निवासी रामपुर ऊमरी जिला मथुरा के अनुसार जब बस खाईं में गिरने लगी तो उन्होंने बस की सीट को पकड़ लिया था। इस दौरान बस कई बार नीचे-ऊपर पलटी। बस खाईं में गिर गई तब दस वर्ष के बेटे राज ने मुझे हौसला दिया। कहा-पापा, परेशान मत हो। आपको कुछ नहीं होगा।
 

सुभाष सिंह अपने पुत्र और सास सुनीता देवी पत्नी रवेंद्र सिंह के साथ शिवखोड़ी दर्शन करने गए थे। हादसे में उनकी सास की मौत हो गई थी। उनके हाथ में फ्रेक्चर के साथ सिर पर चोटें हैं। वहीं रवेंद्र सिंह ने बताया कि नाती राज घटना के बाद उनको भी हिम्मत देता रहा। 

कुछ घायल जम्मू से लौटे, कई का चल रहा इलाज
बस हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों जम्मू के अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक सुरेश सिंह बेटे ने बताया कि उनका भाई संजय, भाभी उवर्शी पत्नी संजय सिंह, बिल्ला पत्नी गौतम, भाई गौतम और फुफेरे भाई प्रशांत का जम्मू के अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी मिल जाएगी।
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इन घायलों की देखभाल के लिए दिल्ली पुलिस में तैनात चचेरे भाई लोकेंद्र जम्मू के अस्पताल में मौजूद हैं। उनसे मोबाइल पर बात होती रहती है। मृतका सुनीता की भतीजी अंजली व काजल भी जम्मू में भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। सरिता पत्नी श्यामवीर सिंह भी घायल हो गई थीं जिनका उपचार जम्मू के अस्पताल में चल रहा है। संवाद
 
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