एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट व एसएसपी को पत्र लिखे जाने के चलते पूर्व विधायक जमीरउल्लाह ने बुधवार को न्यायालय में सरेंडर कर दिया। इस दौरान पूर्व विधायक दो घंटे न्यायिक हिरासत में रहे। बाद में न्यायालय ने जमानत मंजूर कर ली।
अपर शासकीय अधिवक्ता रामकुमार ने बताया कि एमपी-एमएलए मामलों की सुनवाई कर रही एडीजे-4 की अदालत ने पिछले दिनों एसएसपी को पत्र लिखा था। प्रकरण के अनुसार पूर्व विधायक जमीरउल्लाह पर वर्ष 2006 में कोतवाली में आचार संहिता का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें न्यायालय द्वारा लगातार गैर जमानती वारंट व कुर्की नोटिस जारी किए जाने के बाद भी वे हाजिर नहीं हुए। इस मामले में एसएसपी को पत्र लिखकर तीन सितंबर तक कोर्ट में पेश करने को कहा था। इसी मामले में बुधवार को पूर्व विधायक जमीरउल्लाह कोर्ट में हाजिर हुए। इस दौरान दो घंटे न्यायिक हिरासत में रहे। बाद में उनके अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब मामले में तीन सितंबर सुनवाई की तारीख नियत है।