पुरानी कंडम बाइक या स्कूटर के अगले हिस्से में रिक्शे का पिछला हिस्सा जोड़कर उसे माल ढोने के लिए बनाया गया जुगाड़ सड़क पर चलने वाले राहगीरों और वाहन न सिर्फ जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि सड़क पर चलने वालों के लिए खतरनाक भ्ाी साबित हो रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन आदि नहीं होने से इनके नियमन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। उधर बड़ी तादाद में नाबालिग चालक ई रिक्शा चलाकर यात्रियोें की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
आटो एक्सपर्ट नारायण सरीन कहते हैं कि जुगाड़ में जो दो बाइकें और स्कूटर इस्तेमाल हो रहे हैं उनकी पहले ही स्थिति बहुत खराब होती है। वह स्क्रैप में कटने के लिए आते हैं।
इसके बाद उन्हें शहर में मुख्य ट्रैफिक के बीच चलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इनमें इंडीकेटर, साइड मिरर आदि नहीं होता है। ब्रेकिंग सिस्टम भी मानकों के अनुरूप नहीं होता है। माल लादने के लिए चैसिज भी काम चलाऊ ही होती है। इनकी वजह से आए दिन सड़कों पर जाम लगता रहता है।
स्कूल जाने की उम्र में खींच रहे ई रिक्शा
शहर में स्कूल जाने की उम्र में ई रिक्शा चला रहे नाबालिग स्थिति को और भी खराब कर रहे हैं। इन बच्चों की शारीरिक संरचना ऐसी नहीं होती है कि यह कई सवारियां लदे किसी वाहन को सही से नियंत्रित कर सकें, लेकिन थोड़ा सा फायदा और अपने आराम के लिए माता पिता ही बच्चों से ई रिक्शा चलवा रहे हैं।
पुराने दो पहिया वाहनों को माल वाहक जुगाड़ बना लेने का मामला संज्ञान में है। एआरटीओ को लेकर पहले भी एक दो बार अभियान चलाए गए हैं और उससे स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हुई, लेकिन यह समस्या एक बार फिर से आई है। भविष्य में फिर से अभियान चलाने की तैयारी है। इसके अलावा एक बड़ी समस्या शहर में ट्रैफिक लाइन नहीं होने के कारण भी है। इससे उठाए गए वाहनों को खड़ा करने में समस्या होती है।
-अजीजउल हक, एसपी ट्रैफिक
शहर में बड़ी संख्या ई-रिक्शा एसेम्बल करने की फैक्ट्री चल रही है। ऐसी ई-रिक्शा फैक्ट्री पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने को अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। रही बात बाइक और स्कूटर के इंजन से जुगाड़ की तो वह पूरी तरह से अवैध है। इसका न तो कोई रजिस्ट्रेशन होता है और न ही बीमा। इन्हें चलाने के लिए विभाग से ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई है। ई-रिक्शा नाबालिग चला रहे हैं यह बात सही है, लेकिन इसके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
राधेश्याम, आरटीओ अलीगढ़