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ईद मिलादुन्नबी: अलीगढ़ में आज निकलेगा जुलूस-ए-मुहम्मदी, ऊपरकोट में होगा जलसा, एएमयू में लगेगी प्रदर्शनी

Fri, 05 Sep 2025 03:37 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

फैजान-ए-मुस्तफा मदरसा के संचालक मौलाना सैयद जमाल अहमद ने जुलूस-ए-मुहम्मदी में शामिल होने वाले लोगों से अपील की है कि ऐसा कोई नारा न लगाएं, जिससे दूसरे की भावनाएं आहत हों।
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ईद मिलादुन्नबी का जुलूस - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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पैगंबर मुहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश को ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाया जाएगा। 5 सितंबर को शहर में जुलूस-ए-मुहम्मदी निकलेगा। ऊपरकोट में जलसा होगा। इसमें पैगंबर के कृतित्व और व्यक्तित्व पर रोशनी डाली जाएगी। मस्जिदों और मोहल्लों में रंग-बिरंगी झालरों से सजावट की गई है। वहीं, एएमयू में मौलाना आजाद लाइब्रेरी में प्रदर्शनी लगेगी।

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5 सितंबर सुबह 8:30 बजे डॉ. मोहम्मद अब्बास नियाजी की अगुवाई में सैयद कॉलोनी स्थित खानकाह नियाजिया से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकलेगा। यह निजामी पुलया, सर सैयद नगर, गोल्डन वाली गली, दोदपुर, मेडिकल रोड होते हुए खानकाह नियाजिया में समाप्त होगा। मदरसा फैजान मुस्तफा जोहरा बाग से मौलाना सैयद जमाल अहमद की अगुवाई में जुलूस निकलेगा।

मस्जिद इरफान चिल्कौरा, निशात बाग मुस्तफा मस्जिद, रजा मस्जिद रजा नगर, मदरसा दावतुल हक रजा नगर, मस्जिद या गरीब नवाज चिश्ती नगर, मदरसा अरबिया अजहर उल उलूम जाकिर नगर, मस्जिद या रसूलुल्लाह गली नंबर 10 जीवनगढ़, मदरसा शमीम अहमद फैजान गरीब नवाज, मस्जिद नंबर 4 गली, मदरसा फैजान गरीब नवाज, नूरी मस्जिद केला नगर, मस्जिद एकता नग, मदरसा लुत्फिया अब्बास नगर से जुलूस निकलेगा।

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दोपहर 2 बजे एएमयू के मुमताज हॉस्टल से स्ट्रेची हॉल तक जुलूस निकलेगा। ऊपरकोट में रात नौ बजे जलसा सीरतुन्नबी होगा। समाजसेवी मोहम्मद रेहान ने बताया कि फिकाह मदरसा जामा मस्जिद अमरोहा के मुफ्ती रियासत अली, सहारनपुर के मुफ्ती मोहम्मद अखलाक कासमी, कारी मोहम्मद लियाकत जलसे को खिताब करेंगे।

भावनाओं को आहत करने वाले नारों से परहेज करें : मौलाना सैयद
फैजान-ए-मुस्तफा मदरसा के संचालक मौलाना सैयद जमाल अहमद ने जुलूस-ए-मुहम्मदी में शामिल होने वाले लोगों से अपील की है कि ऐसा कोई नारा न लगाएं, जिससे दूसरे की भावनाएं आहत हों।

उन्होंने कहा कि साउंड की आवाज बहुत ऊंची नहीं होनी चाहिए। जुलूस की शुरुआत और आखिर में वालेंटियर की नियुक्ति की जाए। अजनबियों पर कड़ी नजर रखें, ताकि कोई शरारती तत्व उत्पात न मचा सके। किसी गैर जिम्मेदार को माइक न दें।
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