पिछले 15 साल से जिला पंचायत की राजनीति को अपनी मुट्ठी में रखने वाले ठाकुर जयवीर सिंह इस बार चुनावी परिदृश्य से गायब हो गए हैं। अब देखना यह है कि निकट भविष्य में वह किस भूमिका में नजर आते हैं।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह इस बार पत्नी राजकुमारी चौहान को जिला पंचायत चुनाव लड़ाना चाहते थे। उनकी पत्नी का नाम भी स्थानीय स्तर से क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया था। शुक्रवार देर रात टिकट की घोषणा हुई तो राजकुमारी चौहान का नाम सूची में नहीं था।
पिछले 15 साल तक जिला पंचायत की राजनीति की डोर अपने हाथ में रखने वाले जयवीर सिंह की पत्नी का टिकट कटने से उनके समर्थक हैरान है। पिछली बार जयवीर सिंह के भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू जिला पंचायत अध्यक्ष थे। उस समय जयवीर सिंह बसपा में थे।
बाद में वह बसपा छोड़कर भाजपा में आ गए और जिला पंचायत की राजनीति पर उनकी पकड़ बनी रही। नीटू के पहले सुधीर चौधरी और रामसखी कठेरिया को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में जयवीर सिंह की प्रमुख भूमिका थी। अब देखना यह है कि ठाकुर जयवीर सिंह आगे किस भूमिका में नजर आते हैं।
सरकार किसी की भी रही हो, 15 साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष हमने बनाया है। भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं। भाजपा जिसको भी प्रत्याशी घोषित करेगी, उसको हमलोग जिताकर भेजेंगे।
- ठाकुर जयवीर सिंह, एमएलसी